{"_id":"690def41f1a6ea63e3099d67","slug":"the-hilly-plains-unity-forum-honored-30-state-agitators-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-119663-2025-11-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने 30 राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: पर्वतीय मैदानी एकता मंच ने 30 राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित
Fri, 07 Nov 2025 06:38 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Fri, 07 Nov 2025 06:38 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। पर्वतीय मैदानी एकता मंच की ओर से राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में नजीबाबाद रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें महेंद्र सिंह रावत, भगवती प्रसाद कंडवाल, पंकज उनियाल, पंकज भट्ट, पितृशरण जोशी, सुनीता बिष्ट, बेला डोबरियाल, चंद्रा रावत, राकेश लखेड़ा, राजीव गौड़ समेत 30 राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह, मंच के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता पीके अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। मेयर ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान व अथक प्रयासों के बाद पृथक उत्तराखंड राज्य बना है। इस मौके पर मंच के लक्ष्मी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता तिवाड़ी, जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार अग्रवाल, नगर अध्यक्ष संजय रावत, विनोद नेगी, साधो सिंह बिष्ट, पार्षद प्रवेंद्र सिंह रावत, जनार्दन ध्यानी, रमेश खंतवाल, प्रवेश नवानी आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन साहित्यकार प्रदीप डेजी ने किया।
विज्ञापन
सम्मान समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेयर शैलेंद्र सिंह रावत, विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह, मंच के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता पीके अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। मेयर ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान व अथक प्रयासों के बाद पृथक उत्तराखंड राज्य बना है। इस मौके पर मंच के लक्ष्मी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष अनिता तिवाड़ी, जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार अग्रवाल, नगर अध्यक्ष संजय रावत, विनोद नेगी, साधो सिंह बिष्ट, पार्षद प्रवेंद्र सिंह रावत, जनार्दन ध्यानी, रमेश खंतवाल, प्रवेश नवानी आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन साहित्यकार प्रदीप डेजी ने किया।
विज्ञापन