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करोड़ों की स्ट्रीट लाइटें, लेकिन जलती नहीं, सड़कें खस्ताहाल
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सिडकुल का जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में खस्ताहाल सड़क।
- फोटो : KOTDWAR
सिडकुल की उदासीनता भाबर के जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया और यहां की व्यवस्थाओं पर भारी पड़ रही है। यहां करोड़ों रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइटें तो लगाई गई हैं, लेकिन वे जलती नहीं हैं। रात के समय पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है। यहीं नहीं औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें भी खस्ताहाल हैं। समूचे औद्योगिक एरिया में खाली पड़ी जमीनों पर हरित पट्टी के बजाय झाड़ियां जमी हुई है, जिससे यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। यहां कार्यरत श्रमिक और क्षेत्रवासी सिडकुल प्रशासन से स्ट्रीट लाइटों को लंबे समय से ठीक करवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग नक्कारखाने में तूती की आवाज बनकर रह गई है।
सिडकुल ने करीब चार साल पहले जशोधरपुर और बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को करीब पौने तीन करोड़ रुपये प्रदान किए थे। निर्माण निगम ने वर्ष 2016 में जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 138 स्ट्रीट लाइटें, दो हाईमास्क लाइटें और बलभद्रपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 50 स्ट्रीट लाइटें व दो हाईमास्क लाइटें लगाई थी। उसी दौरान एक ट्रक ने स्ट्रीट लाइट के पोल पर टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। जिससे स्ट्रीट लाइट का यह पोल यहां से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। सभी स्ट्रीट लाइटों के इंटरलिंक होने के कारण लाइटों के आठ में से छह पैनल पूरी तरह खराब हो गए। हाल यह है कि एक दिन जलने के बाद से ही औद्योगिक आस्थान में लगी ये स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात को पूरे इलाके में अंधेरा पसरा रहता है।
कमोवेश यही हाल यहां की सड़कों का बना है। कोटद्वार-भाबर मार्ग पर हल्दूखाता से करीब डेढ़ किमी आगे से जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए सड़क निकलती है, जो मुहाने से ही खस्ताहाल हो चुकी है। भारी भरकम वाहनों की निरंतर आवाजाही से औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें कई जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिसका खामियाजा औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों और क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर निगम के पार्षद मनीष भट्ट, राकेश बिष्ट, जगदीश मेहरा, विवेक शाह, शैलेंद्र शैलेश डबराल, सोहनलाल धूलिया, बीरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि सिडकुल प्रशासन को अविलंब स्ट्रीट लाइट और सड़कें दुरस्त करनी चाहिए।
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मैने हाल में ही सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। ये दिक्कतें उनकी संज्ञान में नहीं है। पत्रावलियों का अध्ययन और स्थलीय निरीक्षण के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-मृत्युंजय सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल एवं महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार
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सिडकुल ने करीब चार साल पहले जशोधरपुर और बलभद्रपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था के लिए उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को करीब पौने तीन करोड़ रुपये प्रदान किए थे। निर्माण निगम ने वर्ष 2016 में जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 138 स्ट्रीट लाइटें, दो हाईमास्क लाइटें और बलभद्रपुर इंडस्ट्रियल एरिया में 50 स्ट्रीट लाइटें व दो हाईमास्क लाइटें लगाई थी। उसी दौरान एक ट्रक ने स्ट्रीट लाइट के पोल पर टक्कर मारकर उसे गिरा दिया। जिससे स्ट्रीट लाइट का यह पोल यहां से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। सभी स्ट्रीट लाइटों के इंटरलिंक होने के कारण लाइटों के आठ में से छह पैनल पूरी तरह खराब हो गए। हाल यह है कि एक दिन जलने के बाद से ही औद्योगिक आस्थान में लगी ये स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात को पूरे इलाके में अंधेरा पसरा रहता है।
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कमोवेश यही हाल यहां की सड़कों का बना है। कोटद्वार-भाबर मार्ग पर हल्दूखाता से करीब डेढ़ किमी आगे से जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए सड़क निकलती है, जो मुहाने से ही खस्ताहाल हो चुकी है। भारी भरकम वाहनों की निरंतर आवाजाही से औद्योगिक क्षेत्र की सड़कें कई जगह क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जिसका खामियाजा औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिकों और क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है। नगर निगम के पार्षद मनीष भट्ट, राकेश बिष्ट, जगदीश मेहरा, विवेक शाह, शैलेंद्र शैलेश डबराल, सोहनलाल धूलिया, बीरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि सिडकुल प्रशासन को अविलंब स्ट्रीट लाइट और सड़कें दुरस्त करनी चाहिए।
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मैने हाल में ही सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार संभाला है। ये दिक्कतें उनकी संज्ञान में नहीं है। पत्रावलियों का अध्ययन और स्थलीय निरीक्षण के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-मृत्युंजय सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक सिडकुल एवं महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र कोटद्वार