{"_id":"67002a519b789cd8a2039e94","slug":"strange-even-after-retirement-assistant-engineer-continues-to-lead-the-charge-kotdwar-news-c-5-1-gkp1010-517742-2024-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"अजब-गजब : सेवानिवृत्ति के बाद भी मोर्चा संभाले रहे सहायक अभियंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अजब-गजब : सेवानिवृत्ति के बाद भी मोर्चा संभाले रहे सहायक अभियंता
विज्ञापन
कोटद्वार। अक्सर अधिकारियों पर काम को टालने यानी आम जनता के काम को समय से पूरा नहीं करने के आरोप लगते हैं, लेकिन जल संस्थान कोटद्वार ने इस मिथक को ऐसा तोड़ा कि काम करने पर भी विभाग की किरकिरी हो गई। दरअसल जल संस्थान से सेवानिवृत्त होने के बाद भी एक सहायक अभियंता अनाधिकृत रूप से नए पेयजल कनेक्शनों को एक के बाद एक स्वीकृति देते रहे। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर अधिशासी अभियंता ने भूल सुधार करते सभी पेयजल कनेक्शनों की फाइलों को निरस्त करते हुए प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू कराया।जल संस्थान कोटद्वार के सहायक अभियंता बीआर चौधरी 28 फरवरी, 2024 को सेवानिवृत्त हो गए थे। विभाग की ओर से अगले छह महीने यानी एक मार्च से 31 अगस्त तक के लिए संविदा पर उनका सेवा काल बढ़ा दिया गया था। 31 अगस्त बीत जाने के बावजूद बीआर चौधरी ने जल संस्थान में अपने हस्ताक्षर कर विभागीय कामकाज जारी रखा।
इसकी जानकारी होने पर अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा ने रिकॉर्ड को खंगाला और बीआर चौधरी के हस्ताक्षर से जारी नए पेयजल कनेक्शनों से संबंधित प्रस्तावों एवं कार्य योजनाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को 31 अगस्त के बाद बीआर चौधरी द्वारा हस्ताक्षर किए गए किसी भी विभागीय दस्तावेज से तत्काल अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
.
सेवानिवृत्त सहायक अभियंता बीआर चौधरी भूलवश हस्ताक्षर कर बैठे थे। इसमें उनका कोई स्वार्थ नहीं था। भूल सुधार के लिए उन्होंने स्वयं ही स्थिति से अवगत कराया था। नौ पेयजल कनेक्शनों से जुड़े प्रस्ताव निरस्त कर अब नए सिरे से प्रस्ताव किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-अभिषेक वर्मा, एक्सईएन, जल संस्थान, कोटद्वार
विज्ञापन
इसकी जानकारी होने पर अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा ने रिकॉर्ड को खंगाला और बीआर चौधरी के हस्ताक्षर से जारी नए पेयजल कनेक्शनों से संबंधित प्रस्तावों एवं कार्य योजनाओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को 31 अगस्त के बाद बीआर चौधरी द्वारा हस्ताक्षर किए गए किसी भी विभागीय दस्तावेज से तत्काल अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
विज्ञापन
.
सेवानिवृत्त सहायक अभियंता बीआर चौधरी भूलवश हस्ताक्षर कर बैठे थे। इसमें उनका कोई स्वार्थ नहीं था। भूल सुधार के लिए उन्होंने स्वयं ही स्थिति से अवगत कराया था। नौ पेयजल कनेक्शनों से जुड़े प्रस्ताव निरस्त कर अब नए सिरे से प्रस्ताव किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
-अभिषेक वर्मा, एक्सईएन, जल संस्थान, कोटद्वार