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30 साल में भी पूरा नहीं बन पाया शंकरपुर-बसेड़ी-कमेड़ा मोटर मार्ग

Mon, 13 Jun 2022 08:45 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jun 2022 08:45 PM IST
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Shankarpur-Basedi-Kameda motor road could not be completed even in 30 years
18 किमी शंकरपुर-बसेड़ी-कमेड़ा सड़क का निर्माण कार्य तीस वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। नब्बे के दशक में यह सड़क 10 स्वीकृत हुई फिर उत्तराखंड राज्य बनने के बाद कई टुकड़ों में आठ किमी और सड़क स्वीकृत हुई। कई जगहों पर सड़क कटिंग तो की गई लेकिन इसका डामरीकरण नहीं किया गया। अब आलम यह है कि मार्ग पर जगह-जगह पुश्ते टूटे हैं। साथ ही बरसाती मलबा भी पड़ा हुआ है। विभागीय उदासीनता के कारण लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने रोड कटिंग का कार्य पूरा करने के साथ ही मार्ग के डामरीकरण की मांग भी उठाई।
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ग्राम पंचायत बखरोटी के प्रधान सुरेंद्र सिंह रावत, मोहनलाल, प्रेम सिंह, जमन सिंह, ध्यान सिंह, श्यामलाल, कृपाल सिंह, महिपाल सिंह, बीरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में नब्बे के दशक में शंकरपुर से बसेड़ी तक 10 किमी. रोड कटिंग की गई। पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद वर्ष 2005 में 2 किमी. व उसके बाद टुकड़ों में भुंड तक 2 किमी. सड़क के निर्माण को स्वीकृति मिली। इस रोड का 4 किमी. और कटिंग के बाद न्याय पंचायत कमेडा में कमेड़ा-हल्दूखाल सड़क से मिलान होना है। इस मार्ग के बनने से बखरोटी, गौला मल्ला व कमेड़ा तल्ला ग्राम पंचायतों के 12 गांवों को सड़क सुविधा का लाभ मिलता लेकिन सड़क निर्माण आज तक पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में विभाग की ओर से बसेड़ी से भुंड के बीच रोड कटिंग का कार्य किया जा रहा है।
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ग्रामीणों ने कहा कि शंकरपुर से बसेड़ी तक मार्ग पर कई जगह मलबा पड़ा है। साथ ही पांच जगहों पर पुश्ते क्षतिग्रस्त हैं। बरसात के बाद अभी तक झाड़ी कटान का कार्य भी नहीं हुआ है। झाड़ियों के कारण मार्ग पर गुलदार समेत वन्यजीवों के हमले की आशंका बनी हुई है। कहा कि 11 किमी. में से 14 किमी. के बीच मानकों के विपरीत महज 3 से 4 मीटर चौड़ी सड़क काटी गई है। सड़क तंग होने के कारण बड़े और भारी वाहनों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने मार्ग से मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण, झाड़ी कटान व डामरीकरण की मांग उठाई।
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जनप्रतिनिधियों और विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण
शंकरपुर-बसेड़ी-कमेड़ा सड़क का तीस साल बाद भी धरातल पर न उतरना जनप्रतिनिधियों और विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। 90 के दशक में अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय में शंकरपुर से बसेड़ी तक करीब 10 किमी. रोड कटिंग हुई। वर्ष 2005 में बसेड़ी से कमेड़ा तल्ला तक 8 किमी. सड़क की स्वीकृति तो मिली, लेकिन सड़क का काम पूरा नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के कारण उन्हें सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

अगले दो माह में रोड कटिंग का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की ओर से डामरीकरण का प्रस्ताव नहीं किया गया है। उनके प्रस्ताव के बाद ही विभाग की ओर से डामरीकरण का प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। - रणजीत सिंह भंडारी, सहायक अभियंता लोनिवि लैंसडौन।
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