संत शिरोमणि रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर संत शिरोमणि गुरु रविदास सेवा समिति की ओर से नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस मौके पर समाज में छूआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म कर एक सभ्य समाज का निर्माण किए जाने का संकल्प लिया गया।
रविवार शाम को संत शिरोमणि रविदास जयंती के मौके पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कौड़िया से शुरू हुई शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस कौड़िया पहुंचकर संपन्न हुई। शोभायात्रा में संत रविदास, डॉ भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबाई फूले, काशीराम, मीराबाई के जीवन से जुड़ी कई सुंदर झांकियां शामिल की गई। गोष्ठी का शुभारंभ भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह, पूर्व डिप्टी कमिश्नर विजय धरोणी, मुख्य वक्ता सुदेश ने किया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि संत रविदास ने सामाजिक एवं आध्यात्मिक संघर्ष किया था। उन्होंने एक सभ्य समाज की न सिर्फ कल्पना की, बल्कि उसे मूर्त रूप देने में भी अहम भूमिका निभाई। वहीं डॉ भीमराव अंबेडकर ने भी विषय परिस्थितियों में रहकर दिखाया कि कड़ी मेहनत और संघर्ष से सफलता हासिल की जा सकती है और दलित समाज के लिए प्रेरणा बने। इस मौके पर संत रविदास और डा. अंबेडकर के जीवन के संघर्ष एवं दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेने का आह्वान भी किया गया। गोष्ठी में उत्कृष्ट कार्य के लिए बाबूराम, विनोद पंवार, अरुण कुमार, विजय धरोणी, कमल, मोहन, मनोज, भूपेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया। इस मौके पर समिति के संयोजक विजयपाल सिंह, अध्यक्ष संजीव कुमार, भीम आर्मी के कोटद्वार विधानसभा अध्यक्ष रजत गौतम, महेश गौतम, भूपेंद्र आदि मौजूद रहे।