{"_id":"6a1c2fea125fff57ed03040b","slug":"protesters-have-warned-that-they-will-take-up-shovels-and-spades-themselves-to-build-the-road-kotdwar-news-c-49-1-sdrn1009-124054-2026-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar News: प्रदर्शनकारियों ने खुद फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क बनाने की दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar News: प्रदर्शनकारियों ने खुद फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क बनाने की दी चेतावनी
Sun, 31 May 2026 06:26 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Sun, 31 May 2026 06:26 PM IST
विज्ञापन
चिल्लरखाल-लालढांग मार्ग निर्माण में देरी पर आंदोलनकारियों में रोष
कण्वघाटी (कोटद्वार)। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर दिन-रात आवागमन के लिए एलिवेटेड सड़क निर्माण की मांग को लेकर चिल्लरखाल में चल रहा आंदोलन रविवार को 237वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। साथ ही जल्द समस्या हल नहीं होने पर स्वयं ही फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क बनाने की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बरसात का मौसम नजदीक है, ऐसे में क्षेत्रीय जनता को अब भी सड़क निर्माण का इंतजार है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 26 वर्षों से क्षेत्र की जनता सड़क निर्माण की मांग कर रही है, लेकिन विभिन्न सरकारों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि पिछले आठ माह से धरना स्थल पर जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ग्रामीणों के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाती है।
धरना स्थल पर रविंद्र सौंद ने कहा कि सरकार जनता के धैर्य को उनकी कमजोरी न समझे। शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण स्वयं फावड़ा और बेलचा लेकर सड़क निर्माण का कार्य शुरू करेंगे। साथ ही सरकार के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विधानसभा क्षेत्र में रोड नहीं तो वोट नहीं अभियान भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
धरना देने वालों में हेमा नेगी, नरेश धस्माना, मनमोहन नेगी, दिलबर सिंह, उम्मेद भंडारी, गणेश रावत, कृपाल सिंह, दीपा, पुष्पा, मधुसूदन नेगी, स्वयंवर नेगी, सुभाष त्यागी, हरेंद्र भंडारी, पितांबर, मोहन जोशी और अमित मौजूद रहे।
विज्ञापन
कण्वघाटी (कोटद्वार)। लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर दिन-रात आवागमन के लिए एलिवेटेड सड़क निर्माण की मांग को लेकर चिल्लरखाल में चल रहा आंदोलन रविवार को 237वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। साथ ही जल्द समस्या हल नहीं होने पर स्वयं ही फावड़ा-बेलचा लेकर सड़क बनाने की चेतावनी दी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बरसात का मौसम नजदीक है, ऐसे में क्षेत्रीय जनता को अब भी सड़क निर्माण का इंतजार है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले 26 वर्षों से क्षेत्र की जनता सड़क निर्माण की मांग कर रही है, लेकिन विभिन्न सरकारों ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि पिछले आठ माह से धरना स्थल पर जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति ग्रामीणों के प्रति उनकी उदासीनता को दर्शाती है।
विज्ञापन
धरना स्थल पर रविंद्र सौंद ने कहा कि सरकार जनता के धैर्य को उनकी कमजोरी न समझे। शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण स्वयं फावड़ा और बेलचा लेकर सड़क निर्माण का कार्य शुरू करेंगे। साथ ही सरकार के खिलाफ व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विधानसभा क्षेत्र में रोड नहीं तो वोट नहीं अभियान भी चलाया जाएगा।
विज्ञापन
धरना देने वालों में हेमा नेगी, नरेश धस्माना, मनमोहन नेगी, दिलबर सिंह, उम्मेद भंडारी, गणेश रावत, कृपाल सिंह, दीपा, पुष्पा, मधुसूदन नेगी, स्वयंवर नेगी, सुभाष त्यागी, हरेंद्र भंडारी, पितांबर, मोहन जोशी और अमित मौजूद रहे।