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आज से श्रीनगर में पालिथीन होगी प्रतिबंधित
श्रीनगर
Updated Sun, 31 Jan 2016 08:24 PM IST
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एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के आदेशों के अनुपालन में सोमवार से शहर क्षेत्र में प्लास्टिक/पालिथीन और थर्माकॉल के उत्पादों पर प्रतिबंध लग जाएगा। पालिका पहली फरवरी से प्रतिबंधित सामग्री का प्रयोग और गंदगी फैलाने वालों पर पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूलेगी।
एनजीटी ने इंडियन कांउसिल फॉर इन्वायरो-लीगल एक्शन बनाम राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण और एमसी मेहता बनाम भारत सरकार मामलों में फैसला सुनाते हुए नदी-नालों और शहरों को साफ-स्वच्छ रखने के आदेश दिए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में सोमवार से शहर प्लास्टिक/ पालिथीन व थर्माकॉल से बने गिलास, थैलियों, पत्तल और पैकिंग सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। साथ ही गंदगी को गंगा और सहायक नदियों व नालों में डालने पर रोक लगा दी गई है।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पीके बंसल ने बताया कि जैविक चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट), निर्माण व ध्वस्तीकरण मलबा और घातक कैमिकल व रेडियो एक्टिव को वैज्ञानिक तरीके से पृथक कर निस्तारण करने की अपील की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपया अर्थदंड पर्यावरण शुल्क के रूप में वसूला जाएगा।
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एनजीटी ने इंडियन कांउसिल फॉर इन्वायरो-लीगल एक्शन बनाम राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण और एमसी मेहता बनाम भारत सरकार मामलों में फैसला सुनाते हुए नदी-नालों और शहरों को साफ-स्वच्छ रखने के आदेश दिए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में सोमवार से शहर प्लास्टिक/ पालिथीन व थर्माकॉल से बने गिलास, थैलियों, पत्तल और पैकिंग सामग्री पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। साथ ही गंदगी को गंगा और सहायक नदियों व नालों में डालने पर रोक लगा दी गई है।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पीके बंसल ने बताया कि जैविक चिकित्सीय अपशिष्ट (बायो मेडिकल वेस्ट), निर्माण व ध्वस्तीकरण मलबा और घातक कैमिकल व रेडियो एक्टिव को वैज्ञानिक तरीके से पृथक कर निस्तारण करने की अपील की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 5000 रुपया अर्थदंड पर्यावरण शुल्क के रूप में वसूला जाएगा।
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