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पोक्सो के आरोपी को दस साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कोटद्वार
Updated Wed, 06 Apr 2016 10:33 PM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवर सेन ने कोटद्वार भाबर क्षेत्र में एक किशोरी के अपहरण और दुराचार के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उसे दस साल के सश्रम कारावास और 14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 जून, 2014 को भाबर क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपनी सत्रह साल की नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट कलालघाटी पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसका कहना था कि भाबर के ग्रोथ सेंटर में काम करने वाला संदीप निवासी ब्रह्मपुर थाना किरतपुर जिला बिजनौर (उप्र) उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। करीब साढ़े तीन महीने बाद 30 सितंबर, 2014 को पुलिस ने किशोरी को आरोपी के साथ कोटद्वार रेलवे स्टेशन से बरामद किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि बरामदगी के बाद पुलिस ने किशोरी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने हरिद्वार, अंबाला, पटियाला ले जाने और वहां दुराचार करने की बात कही। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर विचारण की याचना की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पांच गवाह पेश किए गए थे। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने कोटद्वार कैंप में अभियुक्त को सजा के प्रश्न पर सुना।
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बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने अपहरण में तीन वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये का जुर्माना, दुराचार और पोक्सो में 10-10 साल का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी के आरोप में एक साल की कैद ओर एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 जून, 2014 को भाबर क्षेत्र के एक ग्रामीण ने अपनी सत्रह साल की नाबालिग बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट कलालघाटी पुलिस चौकी में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसका कहना था कि भाबर के ग्रोथ सेंटर में काम करने वाला संदीप निवासी ब्रह्मपुर थाना किरतपुर जिला बिजनौर (उप्र) उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। करीब साढ़े तीन महीने बाद 30 सितंबर, 2014 को पुलिस ने किशोरी को आरोपी के साथ कोटद्वार रेलवे स्टेशन से बरामद किया।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी ने बताया कि बरामदगी के बाद पुलिस ने किशोरी के कोर्ट में बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने हरिद्वार, अंबाला, पटियाला ले जाने और वहां दुराचार करने की बात कही। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर विचारण की याचना की। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पांच गवाह पेश किए गए थे। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने कोटद्वार कैंप में अभियुक्त को सजा के प्रश्न पर सुना।
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बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने अपहरण में तीन वर्ष की कैद और तीन हजार रुपये का जुर्माना, दुराचार और पोक्सो में 10-10 साल का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, जान से मारने की धमकी के आरोप में एक साल की कैद ओर एक हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्त को छह-छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी।