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चौरास में लगेगा गोमूत्र से बनने वाली दवाइयों का प्लांट
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर।
Updated Fri, 25 Nov 2016 09:30 PM IST
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गो तीर्थाश्रम चौरास क्षेत्र में गो मूत्र से बनने वाली दवाईयों का प्लांट स्थापित करेगा। इसके लिए मढी के ग्रामीणों ने 15 नाली भूमि समिति को लीज पर दी है। गो तीर्थाश्रम शहर क्षेत्र की बेसहारा गायों के लिए अलकनंदा किनारे नए बस अड्डे के समीप कई वर्षों से गो शाला का संचालन कर रहा है।
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वर्तमान में इस गोशाला में करीब 100 गायों का पालन पोषण किया जा रहा है। गोतीर्थाश्रम समिति के अध्यक्ष प्रेमबल्लभ नैथानी ने बताया कि जगह की कमी होने के कारण गोशाला का विस्तार नहीं हो पा रहा था। समिति लंबे समय में शहर व आस-पास के क्षेत्रों में गोशाला संचालन के लिए भूमि की तलाश भी कर रही थी।
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समिति के सचिव डा. अरविंद दरमोड़ा ने बताया कि मढ़ी चौरास के ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों की सहमति पर गोतीर्थाश्रम के लिए ग्राम पंचायत की 15 नाली भूमि लीज पर दी है। यहां गोशाला का निर्माण किया जाएगा। दरमोड़ा ने बताया समिति के पास गो मूत्र से बनने वाली 40 प्रकार की दवाइयों का लाइसेंस है। अब भूमि उपलब्ध होने पर जल्द ही मढ़ी चौरास में गो मूत्र से बनने वाली दवाइयों का प्लांट स्थापित किया जाएगा।
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