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लैंसडौन से ही हो केटीआर कार्यालय का संचालन
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कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के लैंसडौन स्थित कार्यालय का संचालन कोटद्वार कैंप कार्यालय से होने से क्षेत्रीय जनता में रोष जताया है। ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी व नगर कांग्रेस अध्यक्ष महिपाल रावत ने केटीआर कार्यालय का संचालन पूर्व की भांति लैंसडौन से करने की मांग उठाई है। दोनों नेताओं ने कहा कि मांग को लेकर वह जल्द ही राज्यपाल से भी मिलेंगे।
उन्होंने जारी बयान में कहा कि मई 2021 से लैंसडौन स्थित केटीआर के कार्यालय का कामकाज कोटद्वार से होने लगा था। कांग्रेस ने कार्यालय का संचालन कोटद्वार से करने के विरोध में तब धरना प्रदर्शन व अनशन शुरू किया था। विरोध को शांत करने के लिए लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि कार्यालय का कामकाज लैंसडौन से शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक उक्त कार्यालय का संचालन कोटद्वार से ही किया जा रहा है।
ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी और नगर कांग्रेस अध्यक्ष महिपाल रावत ने बताया कि स्थानीय जनता के विरोध के बाद तत्कालीन वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के पाखरो रेंज में कराए जा रहे कार्याें के पूर्ण होने पर कार्यालय का संचालन लैंसडौन स्थित मूल कार्यालय से होने लगेगा। कार्य पूर्ण होने का समय नवंबर 2021 बताया गया था। कहा कि निर्धारित तिथि के तीन माह बाद भी कर्मचारी लैंसडौन आने को तैयार नहीं हैं। सभी कर्मचारियों ने अपने निवास कोटद्वार में ही बना लिए हैं। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली निरकुंशतापूर्ण है, जो कि राज्य निर्माण की अवधारणा के विरुद्ध है।
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उन्होंने जारी बयान में कहा कि मई 2021 से लैंसडौन स्थित केटीआर के कार्यालय का कामकाज कोटद्वार से होने लगा था। कांग्रेस ने कार्यालय का संचालन कोटद्वार से करने के विरोध में तब धरना प्रदर्शन व अनशन शुरू किया था। विरोध को शांत करने के लिए लैंसडौन के विधायक दिलीप रावत ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया था कि कार्यालय का कामकाज लैंसडौन से शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक उक्त कार्यालय का संचालन कोटद्वार से ही किया जा रहा है।
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ब्लाक प्रमुख दीपक भंडारी और नगर कांग्रेस अध्यक्ष महिपाल रावत ने बताया कि स्थानीय जनता के विरोध के बाद तत्कालीन वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के पाखरो रेंज में कराए जा रहे कार्याें के पूर्ण होने पर कार्यालय का संचालन लैंसडौन स्थित मूल कार्यालय से होने लगेगा। कार्य पूर्ण होने का समय नवंबर 2021 बताया गया था। कहा कि निर्धारित तिथि के तीन माह बाद भी कर्मचारी लैंसडौन आने को तैयार नहीं हैं। सभी कर्मचारियों ने अपने निवास कोटद्वार में ही बना लिए हैं। कर्मचारियों की कार्यप्रणाली निरकुंशतापूर्ण है, जो कि राज्य निर्माण की अवधारणा के विरुद्ध है।
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