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Kotdwar News: ग्राम पंचायत कांडा में फिर नेटवर्क दिक्कत
Mon, 15 Dec 2025 07:33 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Mon, 15 Dec 2025 07:33 PM IST
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ई-केवाईसी कराने के लिए करना पड़ रहा है दस किमी का सफर तय
कोटद्वार। केटीआर से सटी रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा में नेटवर्क फिर दगा दे रहा है। नेटवर्क नहीं होने से लोगों को ई-केवाईसी कराने के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है। इस दौरान जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या हल करने की मांग की।
रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कांडा 11 किमी. तक फैली हुई है। इसके अंतर्गत कांडा से पांच किमी. दूर पूर्व की ओर तैड़िया, दो किमी. उत्तर की ओर तूणीचौड़, गजरोड़ा, तीन किमी. पश्चिम दिशा में जवाड़ी रौला व दक्षिण में दो किमी. दूर भैंस्यारौ व दियोड़ गांव हैं। ग्राम पंचायत में संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पूर्व बीएसएनएल का टावर स्थापित किया गया था लेकिन आए दिन नेटवर्क की दिक्कत होने से ग्रामीणों को आनलाइन सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों की शिकायत पर विगत माह बीएसएनएल के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम कुछ दिनों तक क्षेत्र में सक्रिय रही। टीम ने फोन की लोकेशन व ग्रेडिंग अपडेट भी की लेकिन इसके बाद भी ग्राम पंचायत में नेटवर्क की दिक्कत बनी हुई है। नेटवर्क के अभाव में ग्राम पंचायत के एकमात्र सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के दुकानदार व ग्रामीणों को राशन वितरण व ई-केवाईसी के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है।
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बुजुर्ग सुनीता देवी, गंगोत्री देवी, सावित्री देवी, गबर सिंह, कृपाल सिंह, दिल्ला सिंह, सुरजी देवी आदि का कहना है कि कार्बेट नेशनल पार्क से सटे गांवों में वर्तमान में जहां बाघ व गुलदार दिखाई दे रहे हैं। वहीं इतनी दूर तक जान जोखिम में डालकर अंगूठा आनलाइन लगाना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी ने इस पर रोष जताते हुए बीएसएनएल के डीजीएम, एजीएम व जेटीओ से संपर्क कर शीघ्र समस्या के निराकरण की मांग की है।
.
तकनीकी टीम लगातार क्षेत्र में काम कर रही है। क्षेत्र के सभी टावरों पर निगरानी की जा रही है। व्यवस्था सुधारने के लिए ग्राम पंचायत में ओएफसी केबिल बिछाई जा रही है।
- हरप्रीत सिंह, एजीएम मंडलीय कार्यालय, बीएसएनएल श्रीनगर गढ़वाल ।
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कोटद्वार। केटीआर से सटी रिखणीखाल ब्लॉक की ग्राम पंचायत कांडा में नेटवर्क फिर दगा दे रहा है। नेटवर्क नहीं होने से लोगों को ई-केवाईसी कराने के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है। इस दौरान जंगली जानवरों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने जल्द समस्या हल करने की मांग की।
रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत कांडा 11 किमी. तक फैली हुई है। इसके अंतर्गत कांडा से पांच किमी. दूर पूर्व की ओर तैड़िया, दो किमी. उत्तर की ओर तूणीचौड़, गजरोड़ा, तीन किमी. पश्चिम दिशा में जवाड़ी रौला व दक्षिण में दो किमी. दूर भैंस्यारौ व दियोड़ गांव हैं। ग्राम पंचायत में संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पूर्व बीएसएनएल का टावर स्थापित किया गया था लेकिन आए दिन नेटवर्क की दिक्कत होने से ग्रामीणों को आनलाइन सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
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ग्रामीणों की शिकायत पर विगत माह बीएसएनएल के उच्चाधिकारियों के निर्देशन में टीम कुछ दिनों तक क्षेत्र में सक्रिय रही। टीम ने फोन की लोकेशन व ग्रेडिंग अपडेट भी की लेकिन इसके बाद भी ग्राम पंचायत में नेटवर्क की दिक्कत बनी हुई है। नेटवर्क के अभाव में ग्राम पंचायत के एकमात्र सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के दुकानदार व ग्रामीणों को राशन वितरण व ई-केवाईसी के लिए दस किमी. दूर हैड़ाग्वाड़ आवाजाही करनी पड़ रही है।
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बुजुर्ग सुनीता देवी, गंगोत्री देवी, सावित्री देवी, गबर सिंह, कृपाल सिंह, दिल्ला सिंह, सुरजी देवी आदि का कहना है कि कार्बेट नेशनल पार्क से सटे गांवों में वर्तमान में जहां बाघ व गुलदार दिखाई दे रहे हैं। वहीं इतनी दूर तक जान जोखिम में डालकर अंगूठा आनलाइन लगाना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी ने इस पर रोष जताते हुए बीएसएनएल के डीजीएम, एजीएम व जेटीओ से संपर्क कर शीघ्र समस्या के निराकरण की मांग की है।
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तकनीकी टीम लगातार क्षेत्र में काम कर रही है। क्षेत्र के सभी टावरों पर निगरानी की जा रही है। व्यवस्था सुधारने के लिए ग्राम पंचायत में ओएफसी केबिल बिछाई जा रही है।
- हरप्रीत सिंह, एजीएम मंडलीय कार्यालय, बीएसएनएल श्रीनगर गढ़वाल ।