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पहाड़ से पलायन में पानी भी एक बड़ा कारण
कोटद्वार
Updated Tue, 15 Dec 2015 09:39 PM IST
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उत्तराखंड एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (यूसर्क) और उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसेक) के तत्वावधान में यहां महर्षि विद्या मंदिर परिसर में आयोजित जल संरक्षण कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण की जानकारी दी गई। कहा कि जल का संरक्षण अपने दैनिक जीवन के हर कार्य से किया जाना चाहिए। पहाड़ से पलायन में पानी एक बड़ा कारण रहा है।
मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में पूर्व प्राचार्य डा. एसपी बडोला ने छात्र-छात्राओं को अपने दैनिक जीवन में जल को संरक्षित कर जल संरक्षण में अपना योगदान देने की अपील की। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के संरक्षण की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं जिससे गांव खाली होते जा रहे हैं। भूमि के बंजर होने से भूमि की उर्वरा शक्ति भी समाप्त हो रही है। जल संरक्षण न होने के कारण कृषि कार्य लगभग समाप्त होने के कगार पर है। उन्होंने सभी लोगों से जल संरक्षण में अपना योगदान देने तथा आधुनिक तकनीकों के साथ कृषि व्यवस्था को पुन: स्थापित करने की अपील की।
वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण के लिए परंपरागत कृषि व्यवस्था और चाल-खालों को पुनर्जीवित करना होगा। ऐसे पेड़ लगाएं जाने चाहिए, जिससे वर्षा जल रोकने की क्षमता हो। इस अवसर पर रेखा सेमवाल, लक्ष्मी रावत, पंकज नेगी, प्रशांत तिवारी, धीरज सिंह, अनूप बिष्ट, नितिन नेगी, बीएन खरे, सारिका देवरानी, प्रिया भारद्वाज, बबीता सुंद्रियाल, प्रमिला दास आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को आयोजित कार्यशाला में पूर्व प्राचार्य डा. एसपी बडोला ने छात्र-छात्राओं को अपने दैनिक जीवन में जल को संरक्षित कर जल संरक्षण में अपना योगदान देने की अपील की। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के संरक्षण की उचित व्यवस्था न होने के कारण लोग शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं जिससे गांव खाली होते जा रहे हैं। भूमि के बंजर होने से भूमि की उर्वरा शक्ति भी समाप्त हो रही है। जल संरक्षण न होने के कारण कृषि कार्य लगभग समाप्त होने के कगार पर है। उन्होंने सभी लोगों से जल संरक्षण में अपना योगदान देने तथा आधुनिक तकनीकों के साथ कृषि व्यवस्था को पुन: स्थापित करने की अपील की।
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वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण के लिए परंपरागत कृषि व्यवस्था और चाल-खालों को पुनर्जीवित करना होगा। ऐसे पेड़ लगाएं जाने चाहिए, जिससे वर्षा जल रोकने की क्षमता हो। इस अवसर पर रेखा सेमवाल, लक्ष्मी रावत, पंकज नेगी, प्रशांत तिवारी, धीरज सिंह, अनूप बिष्ट, नितिन नेगी, बीएन खरे, सारिका देवरानी, प्रिया भारद्वाज, बबीता सुंद्रियाल, प्रमिला दास आदि मौजूद थे।
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