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Kotdwar News: कोटद्वार से कोसों दूर है मानव तस्करी पर रहना होगा सचेत
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कोटद्वार। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की सक्रियता से मानव तस्करी एवं इससे जुड़ी घटनाओं पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। हालांकि अभी तक मानव तस्करी का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एक वर्ष में 300 से ज्यादा गुमशुदा लोगों के मिलने से मामला संवेदनशील हो जाता है। दरअसल ऐसे ही लोग मानव तस्करी के शिकार हो जाते हैं।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी एवं उपनिरीक्षक सुमनलता के नेतृत्व में टीम ने वर्ष 2024 में गुमशुदा 41 बालक, 37 बालिका, 78 महिला और 22 पुरुष को ढूंढ लिया। इसके अलावा पुलिस ने ऑपरेशन स्माइल के तहत अभियान को गति देते हुए अलग-अलग जगहों से 157 लोगों और मानसिक रूप से विक्षिप्त 11 महिलाओं को ढूंढकर उन्हें सकुशल परिजनों तक पहुंचाया।
टीम ने स्कूलों में न जाकर सड़कों पर भटकने वाले 63 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाने के साथ ही उन्हें सरकार की योजनाओं से लाभांवित किया। इतना ही नहीं मानव तस्करों को क्षेत्र में नहीं पनपने देने के लिए एचटीयू की टीम ने एक वर्ष में रेलवे स्टेशन पर 187, रोडवेज स्टैंड पर भी 187, उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर 153 बार चेकिंग की। साथ ही 308 लोगों का सत्यापन भी किया गया।
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उपनिरीक्षक सुमनलता ने बताया कि मानव तस्करी की श्रेणी में बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी की घटनाएं भी शामिल हैं। एएचटीयू ने गत वर्ष कोटद्वार में एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। बंधुआ मजदूरी एवं मानव अंगों की तस्करी का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया। इस पर रोक के लिए आम नागरिक का जागरूक होना जरूरी है। एएचटीयू टीम में विद्या मेहता, मुकेश डोबरियाल एवं सत्येंद्र लखेड़ा समाज में जागरूकता लाने में भी जुटे हैं।
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भिक्षावृत्ति खत्म कराना लक्ष्य
पढ़ाई छोड़कर समाज में भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उनका बचपन लौटाना और परिवार से बिछुड़ी बेटियों, माताओं को समय रहते उनके परिवार से मिलाना ही मुख्य लक्ष्य है। -सुमनलता, प्रभारी एएचटीयू कोटद्वार
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-ये बरतें एहतियात
परिवार के सभी सदस्य एकदूसरे को समय दें, भावनाओं को समझें।
बच्चों को केवल डांटें ही नहीं, उनके साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार भी करें।
बुजुर्गों को घर पर अकेला न छोडें, उन्हें समय और अपनापन दें।
परिवार के किसी सदस्य का स्वभाव, हाव-भाव बदले तो जानकारी करें।
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-ये हैं हेल्पलाइन नंबर
पुलिस हेल्पलाइन नंबर - 112
एएचटीयू नंबर - 7579245244
चाइल्डलाइन नंबर - 1098
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-यह अच्छी बात है कि अभी तक मानव तस्करी का एक भी मामला क्षेत्र में नहीं है। भविष्य में भी ऐसा कोई मामला सामने न आए, इसके लिए आमजन का जागरूक होना और एएचटीयू व पुलिस का व्यावहारिक सहयोग आवश्यक है। -चंद्रमोहन सिंह, एएसपी कोटद्वार
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एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की प्रभारी एवं उपनिरीक्षक सुमनलता के नेतृत्व में टीम ने वर्ष 2024 में गुमशुदा 41 बालक, 37 बालिका, 78 महिला और 22 पुरुष को ढूंढ लिया। इसके अलावा पुलिस ने ऑपरेशन स्माइल के तहत अभियान को गति देते हुए अलग-अलग जगहों से 157 लोगों और मानसिक रूप से विक्षिप्त 11 महिलाओं को ढूंढकर उन्हें सकुशल परिजनों तक पहुंचाया।
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टीम ने स्कूलों में न जाकर सड़कों पर भटकने वाले 63 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाने के साथ ही उन्हें सरकार की योजनाओं से लाभांवित किया। इतना ही नहीं मानव तस्करों को क्षेत्र में नहीं पनपने देने के लिए एचटीयू की टीम ने एक वर्ष में रेलवे स्टेशन पर 187, रोडवेज स्टैंड पर भी 187, उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश सीमा पर 153 बार चेकिंग की। साथ ही 308 लोगों का सत्यापन भी किया गया।
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उपनिरीक्षक सुमनलता ने बताया कि मानव तस्करी की श्रेणी में बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी की घटनाएं भी शामिल हैं। एएचटीयू ने गत वर्ष कोटद्वार में एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। बंधुआ मजदूरी एवं मानव अंगों की तस्करी का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया। इस पर रोक के लिए आम नागरिक का जागरूक होना जरूरी है। एएचटीयू टीम में विद्या मेहता, मुकेश डोबरियाल एवं सत्येंद्र लखेड़ा समाज में जागरूकता लाने में भी जुटे हैं।
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भिक्षावृत्ति खत्म कराना लक्ष्य
पढ़ाई छोड़कर समाज में भिक्षावृत्ति करने वाले बच्चों को चिह्नित कर उन्हें उनका बचपन लौटाना और परिवार से बिछुड़ी बेटियों, माताओं को समय रहते उनके परिवार से मिलाना ही मुख्य लक्ष्य है। -सुमनलता, प्रभारी एएचटीयू कोटद्वार
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-ये बरतें एहतियात
परिवार के सभी सदस्य एकदूसरे को समय दें, भावनाओं को समझें।
बच्चों को केवल डांटें ही नहीं, उनके साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार भी करें।
बुजुर्गों को घर पर अकेला न छोडें, उन्हें समय और अपनापन दें।
परिवार के किसी सदस्य का स्वभाव, हाव-भाव बदले तो जानकारी करें।
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-ये हैं हेल्पलाइन नंबर
पुलिस हेल्पलाइन नंबर - 112
एएचटीयू नंबर - 7579245244
चाइल्डलाइन नंबर - 1098
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-यह अच्छी बात है कि अभी तक मानव तस्करी का एक भी मामला क्षेत्र में नहीं है। भविष्य में भी ऐसा कोई मामला सामने न आए, इसके लिए आमजन का जागरूक होना और एएचटीयू व पुलिस का व्यावहारिक सहयोग आवश्यक है। -चंद्रमोहन सिंह, एएसपी कोटद्वार