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बिचला ढांगू क्षेत्र में गुलदार ने फिर किया हमला
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द्वारीखाल विकासखंड की बिचला ढांगू पट्टी में गुलदार की दहशत थमने का नाम नहीं ले रहा है। छह दिन के भीतर गुलदार के हमले की दूसरी घटना से क्षेत्रवासी सहमें हुए हैं। मंगलवार तड़के कांडी गांव में नेपाली श्रमिकों के डेरे में गुलदार के हमले के बाद दहशत और बढ़ गई है। गढ़वाल वन प्रभाग के बाद अब लैंसडौन वन प्रभाग भी हरकत में आ गया है। लैंसडौन वन प्रभाग ने कांडी गांव में लगाने के लिए पिंजरा भेज दिया है। रात की पेट्रोलिंग भी शुरू कर दी गई है।
बीती एक जुलाई को गुलदार ने बागी गांव के निवासी युवक को मार डाला था। घटना के बाद गढ़वाल वन प्रभाग की ओर से नौगांव में पिंजरा लगाया गया, लेकिन गुलदार नहीं पकड़ा गया। मंगलवार सुबह गुलदार ने बागी (किनसुर) से सटे कांडी गांव में एक मजदूर को भी घायल कर दिया।
कांडी के प्रधान प्रह्लाद सिंह नेगी, किनसुर के दीपचंद शाह ने कहा कि नौगांव, बागी क्षेत्र में युवक को मारने वाला और कांडी में नेपाली श्रमिक को घायल करने वाला गुलदार एक ही है। ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा का कहना है कि गुलदार अब नरभक्षी बन चुका है, ऐसे में उसे मार जाना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने गुलदार को मारने के लिए शिकारी तैनात करने की मांग की।
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किनसुर के प्रधान दीपचंद शाह ने बताया कि किनसुर, बागी, तैड़ी, पोगठा और मैठाणा राजस्व गांवों की ग्राम पंचायत किनसुर पड़ती है। पूरा क्षेत्र जंगल का है। ऐसे में लोगों का अकेले कहीं जाना मुश्किल हो गया है। नौगांव (कोट) की प्रधान अनीता देवी और संजय बिष्ट का कहना है कि गुलदार की दहशत के कारण लोग दिन में भी खेती किसानी के लिए अकेले नहीं जा पा रहे हैं।
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बिचला ढांगू के कांडी गांव में घटनास्थल के पास लगाने के लिए पिंजरा भेज दिया गया है। घायल नेपाली श्रमिक को पांच हजार रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की गई है। बाकी धनराशि चिकित्सीय रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी। मौके पर वन कर्मी पेट्रोलिंग करने लगे हैं।
-दीपक सिंह, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग
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बीती एक जुलाई को गुलदार ने बागी गांव के निवासी युवक को मार डाला था। घटना के बाद गढ़वाल वन प्रभाग की ओर से नौगांव में पिंजरा लगाया गया, लेकिन गुलदार नहीं पकड़ा गया। मंगलवार सुबह गुलदार ने बागी (किनसुर) से सटे कांडी गांव में एक मजदूर को भी घायल कर दिया।
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कांडी के प्रधान प्रह्लाद सिंह नेगी, किनसुर के दीपचंद शाह ने कहा कि नौगांव, बागी क्षेत्र में युवक को मारने वाला और कांडी में नेपाली श्रमिक को घायल करने वाला गुलदार एक ही है। ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह राणा का कहना है कि गुलदार अब नरभक्षी बन चुका है, ऐसे में उसे मार जाना चाहिए। क्षेत्रवासियों ने गुलदार को मारने के लिए शिकारी तैनात करने की मांग की।
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किनसुर के प्रधान दीपचंद शाह ने बताया कि किनसुर, बागी, तैड़ी, पोगठा और मैठाणा राजस्व गांवों की ग्राम पंचायत किनसुर पड़ती है। पूरा क्षेत्र जंगल का है। ऐसे में लोगों का अकेले कहीं जाना मुश्किल हो गया है। नौगांव (कोट) की प्रधान अनीता देवी और संजय बिष्ट का कहना है कि गुलदार की दहशत के कारण लोग दिन में भी खेती किसानी के लिए अकेले नहीं जा पा रहे हैं।
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बिचला ढांगू के कांडी गांव में घटनास्थल के पास लगाने के लिए पिंजरा भेज दिया गया है। घायल नेपाली श्रमिक को पांच हजार रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की गई है। बाकी धनराशि चिकित्सीय रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी। मौके पर वन कर्मी पेट्रोलिंग करने लगे हैं।
-दीपक सिंह, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग