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चौरास मोटर पुल के लिए मिले 10 करोड़
श्रीनगर
Updated Tue, 12 Jan 2016 09:11 PM IST
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निर्माण के दौरान ध्वस्त हुए चौरास मोटर पुल के पुनर्निर्माण के लिए शासन से लोनिवि को 10 करोड़ मिल गए हैं। मुख्यमंत्री हरीश रावत इसकी घोषणा चार माह पहले गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर छात्रसंघ उद्घाटन समारोह के दौरान की थी। अब मिली राशि कम होने से पुल का काम आगे बढ़ेगा, इस पर संशय है। कारण ठेकेदार का कार्यदायी संस्था पर करीब 13 करोड़ का बकाया होना है। पुल का पुनरीक्षित आगणन 32 करोड़ पहुंच चुका है।
केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर और चौरास परिसरों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में घसिया महादेव-चौरास मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। 25 मार्च 2012 को पुल के चौरास छोर पर लेंटर डालने के बाद रात को ध्वस्त हो गया। इस घटना में एक अवर अभियंता और सात मजदूरों की मौत हो गई थी। तब इस पुल की लागत 16.50 करोड़ रुपये थी।
पुल की उपयोगिता को देखते हुए शासन ने पुराने ढांचे के ऊपर पुल निर्माण के लिए 19.70 करोड़ रुपये मंजूर किए। वर्ष 2013 से पुल का दोबारा निर्माण शुरू हो गया। वर्तमान में पुल के ढांचे को सहारा देने के लिए अतिरिक्त पिलर का निर्माण किया जा रहा है। सामग्री महंगी होने, मार्ग ध्वस्त होने और अतिरिक्त पिलर के कारण पुल की लागत बढ़ गई। लोनिवि ने शासन को लगभग 32 करोड़ का पुनरीक्षित आगणन भेजा है। वर्तमान में पिलर 90 फीसदी बन चुका है। जबकि फेब्रिकेशन काम भी 80 फीसदी हो चुका है। लोनिवि को दो वर्षों में एक भी धेला नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ देने की घोषणा की थी।
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सीएम और एमएलए को धन्यवाद
श्रीनगर। चौरास मोटर पुल के लिए 10 करोड़ मंजूर होने पर नगर कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधायक गणेश गोदियाल का आभार जताया है। नगराध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, नाथू लाल टम्टा, उम्मेद सिंह मेहरा, गणेश भट्ट व राजेश जुगरान आदि मौजूद थे।
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केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर और चौरास परिसरों को मोटर मार्ग से जोड़ने के लिए वर्ष 2002 में घसिया महादेव-चौरास मोटर पुल स्वीकृत हुआ था। 25 मार्च 2012 को पुल के चौरास छोर पर लेंटर डालने के बाद रात को ध्वस्त हो गया। इस घटना में एक अवर अभियंता और सात मजदूरों की मौत हो गई थी। तब इस पुल की लागत 16.50 करोड़ रुपये थी।
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पुल की उपयोगिता को देखते हुए शासन ने पुराने ढांचे के ऊपर पुल निर्माण के लिए 19.70 करोड़ रुपये मंजूर किए। वर्ष 2013 से पुल का दोबारा निर्माण शुरू हो गया। वर्तमान में पुल के ढांचे को सहारा देने के लिए अतिरिक्त पिलर का निर्माण किया जा रहा है। सामग्री महंगी होने, मार्ग ध्वस्त होने और अतिरिक्त पिलर के कारण पुल की लागत बढ़ गई। लोनिवि ने शासन को लगभग 32 करोड़ का पुनरीक्षित आगणन भेजा है। वर्तमान में पिलर 90 फीसदी बन चुका है। जबकि फेब्रिकेशन काम भी 80 फीसदी हो चुका है। लोनिवि को दो वर्षों में एक भी धेला नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ देने की घोषणा की थी।
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सीएम और एमएलए को धन्यवाद
श्रीनगर। चौरास मोटर पुल के लिए 10 करोड़ मंजूर होने पर नगर कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और विधायक गणेश गोदियाल का आभार जताया है। नगराध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, नाथू लाल टम्टा, उम्मेद सिंह मेहरा, गणेश भट्ट व राजेश जुगरान आदि मौजूद थे।