फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   Fraud of Rs 2.32 crore caught in GMOU, complaint given to SSP

Kotdwar News: जीएमओयू में पकड़ में आया 2.32 करोड़ का फर्जीवाड़ा, एसएसपी को दी तहरीर

Tue, 04 Mar 2025 10:23 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 10:23 PM IST
विज्ञापन
Fraud of Rs 2.32 crore caught in GMOU, complaint given to SSP

विज्ञापन
कोटद्वार। गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन लिमिटेड (जीएमओयू) में वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 2.32 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। फर्जीवाडे़ की जांच के लिए बनी समिति के अनुसार जांच में पूर्व अध्यक्ष, जनरल मैनेजर समेत नौ कर्मी दोषी पाए गए हैं। कंपनी की ओर से दोषी कर्मचारियों के निलंबन समेत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। संबंधित लोगों से वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया भी शुरू करने की बात कही गई है। जीएमओयू की ओर से मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी पौड़ी को तहरीर दे दी गई है।

मंगलवार को जीएमओयू के अध्यक्ष भाष्करानंद भारद्वाज की मौजूदगी में जीएमओयू बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक एवं जांच कमेटी के सदस्य महावीर सिंह रावत ने पत्रकार वार्ता में इस बात का खुलासा किया। कहा कि जांच कमेटी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के अभिलेख, कैश बुक, वाउचर की जांच की। सीए के ऑडिट में जहां 2,48,33,587 रुपये के फर्जी भुगतान की बात सामने आई है। वहीं कमेटी की जांच में 2,32, 62, 571 रुपये का फर्जीवाड़ा पाया गया। कई कर्मचारियों ने 10 हजार रुपये से कम के वाउचर बनाकर प्रतिदिन 60 से 90 हजार कैश निकालकर धनरशि का दुरुपयोग किया। जिन वाहन स्वामियों की मौत हो चुकी है, उनके सेंडरी होल्ड एकाउंट से वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2023-24 तक 13,12,405 रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। कहा कि इस मामले में पूर्व अध्यक्ष, जनरल मैनेजर तत्कालीन कैशियर, लेखा लिपिक, कैशियर सहायक समेत 9 लोग संलिप्त पाए गए। कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में छह माह के वित्तीय अनियमिताओं की जांच जारी है, जिसमें एक करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े की आशंका है। कंपनी की ओर से वित्तीय वर्ष 2021-22 और 22-23 के वित्तीय अनियमिताओं की जांच भी की जाएगी। समिति ने वसूली होने तक पूर्व अध्यक्ष की सदस्यता बर्खास्त करने की मांग कंपनी के संचालक मंडल से की है। पदाधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन पृष्ठ की लिखित तहरीर पुलिस को दे दी गई है।
विज्ञापन


ये है पूरा मामला



जीएमओयू के तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ मोटर मालिकों ने 19 अगस्त, 2024 को आपात बैठक की और जीएमओयू बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया। समिति के बैनर तले मोटर मालिकों और मजदूरों ने 13 सितंबर, 2024 को जीएमओयू कार्यालय में तालाबंदी व विरोध प्रदर्शन कर वार्षिक आम बैठक का विरोध किया। जिस पर एसडीएम की मध्यस्थता में समझौता हुआ और लोकतांत्रिक तरीके से संचालकों का चुनाव हुआ। वित्तीय अनियमिताओं की जांच के लिए समिति का गठन किया गया। कंपनी ने 20 अक्तूबर को सत्यानंद भट्ट की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति को जांच के आदेश जारी किए, जिस पर जांच समिति ने कंपनी में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीएमओयू के पूर्व अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने आरोपों को बताया निराधार



कोटद्वार। जीएमओयू के पूर्व अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने जीएमओयू बचाओ संघर्ष समिति की ओर से उन पर लगाए सभी आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि जीएमओयू बचाओ संघर्ष समिति का जीएमओयू से कोई संबंध नहीं है। जीएमओयू पब्लिक गारंटी कंपनी है। समिति को कंपनी में वित्तीय अनियमिताओं की जांच का कोई अधिकार नहीं है। जीएमओयू को यदि वित्तीय अनियमिताओं की जांच करानी है, तो कोर्ट के माध्यम से कराएं। आरोप लगाया कि कंपनी के पूर्व संचालक महावीर सिंह रावत वर्ष 2013-14 से 2016-17 तक के वित्तीय अनियमिताओं को छिपाने एवं स्वयं को बचाने के लिए झूठे व निराधार आंकड़े दे रहे हैं, वह सीए की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे हैं। वह कंपनी का सीए नहीं है। समिति ने आयकर के एक वकील के माध्यम से मनमाने आंकड़े डालकर रिपोर्ट तैयार की है। यदि उक्त रिपोर्ट सही है, तो वह सक्षम कोर्ट में जाएं। हम कोर्ट के निर्णय का पालन करेंगे। इसके लिए वह व्यक्तिगत रूप से पूर्व संचालक महावीर सिंह रावत व जांच समिति के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed