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हत्या के मामले में पत्नी समेत चार आरोपी दोषी सिद्ध
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने कालागढ़ में जुलाई, वर्ष 2017 में हुए सुनील हत्याकांड में मृतक की पत्नी समेत चार लोगों को दोषी पाया। मामले में पत्नी ने प्रेमी संग साजिश रचकर बदमाशों से पति की हत्या करवाई थी। सजा चार अक्तूबर को सुनाई जाएगी। कोर्ट ने जमानत पर चल रहे तीन हत्यारोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए उन्हें पौड़ी जेल भेज दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत और अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि यह मामला कालागढ़ थाने की नई कालोनी का है। 18 जुलाई, 2017 की रात अज्ञात लोगों ने कमरे में सो रहे क्लीनिक संचालक सुनील कुमार सैनी की गला रेत कर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई तरुण कुुमार की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सुनील परिवार से अलग रहता था। उसकी पत्नी नीतू अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। मृतक के पिता भगवान दास कालागढ़ में बिजली विभाग में काम करते थे। उनकी मृत्यु के बाद उसके भाई तरुण की हाइडिल में नौकरी लग गई थी, जबकि सुनील अपना क्लीनिक चला रहा था।
तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने एक सप्ताह में मामले का खुलासा करते हुए उसकी पत्नी नीतू, उसके प्रेमी सुंदरलाल और दो अन्य साथी अंकित और सुखबीर को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह बात सामने आई थी कि क्लीनिक संचालक सुनील का अपनी पत्नी नीतू से एक साल से विवाद चल रहा था। सुनील ने वर्ष 2014 में अपनी पत्नी के खिलाफ एक तहरीर पुलिस को दी थी, जिसमें उसके सुंदरलाल से अवैध संबंध की बात कही गई थी। एक दिन नीतू ने अपने प्रेमी सुंदरलाल से पति सुनील से छुटकारा दिलाने की बात कही। सुंदरलाल ने जेपीनगर निवासी सुखवीर सिंह उर्फ ऐबदार से चालीस हजार में सुनील को मरवाने का सौदा किया। सुंदरलाल, भजनपुरी जेपीनगर निवासी अंकित कुमार व सुखबीर 18 जुलाई, 2017 को बाइक से कालागढ़ पहुंचे और सुनील का गला रेतकर उसकी हत्या कर डाली।
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शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र रावत ने बताया कि साक्ष्य और काल डिटेल के आधार पर मृतक की पत्नी नीतू सिंह समेत चारों को हत्या व हत्या के षड्यंत्र के आरोप में दोषी पाया है। इस मामले में सुंदरलाल घटना के बाद से ही जेल में है, जबकि जमानत पर चल रही मृतक की पत्नी नीतू सिंह, अंकित और सुखवीर को कोर्ट ने बुधवार को अभिरक्षा में लेते हुए पौड़ी जेल भिजवा दिया है। सजा चार अक्तूबर को सुनाई जाएगी।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत और अधिवक्ता अनूप खंतवाल ने बताया कि यह मामला कालागढ़ थाने की नई कालोनी का है। 18 जुलाई, 2017 की रात अज्ञात लोगों ने कमरे में सो रहे क्लीनिक संचालक सुनील कुमार सैनी की गला रेत कर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई तरुण कुुमार की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। सुनील परिवार से अलग रहता था। उसकी पत्नी नीतू अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। मृतक के पिता भगवान दास कालागढ़ में बिजली विभाग में काम करते थे। उनकी मृत्यु के बाद उसके भाई तरुण की हाइडिल में नौकरी लग गई थी, जबकि सुनील अपना क्लीनिक चला रहा था।
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तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने एक सप्ताह में मामले का खुलासा करते हुए उसकी पत्नी नीतू, उसके प्रेमी सुंदरलाल और दो अन्य साथी अंकित और सुखबीर को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह बात सामने आई थी कि क्लीनिक संचालक सुनील का अपनी पत्नी नीतू से एक साल से विवाद चल रहा था। सुनील ने वर्ष 2014 में अपनी पत्नी के खिलाफ एक तहरीर पुलिस को दी थी, जिसमें उसके सुंदरलाल से अवैध संबंध की बात कही गई थी। एक दिन नीतू ने अपने प्रेमी सुंदरलाल से पति सुनील से छुटकारा दिलाने की बात कही। सुंदरलाल ने जेपीनगर निवासी सुखवीर सिंह उर्फ ऐबदार से चालीस हजार में सुनील को मरवाने का सौदा किया। सुंदरलाल, भजनपुरी जेपीनगर निवासी अंकित कुमार व सुखबीर 18 जुलाई, 2017 को बाइक से कालागढ़ पहुंचे और सुनील का गला रेतकर उसकी हत्या कर डाली।
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शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र रावत ने बताया कि साक्ष्य और काल डिटेल के आधार पर मृतक की पत्नी नीतू सिंह समेत चारों को हत्या व हत्या के षड्यंत्र के आरोप में दोषी पाया है। इस मामले में सुंदरलाल घटना के बाद से ही जेल में है, जबकि जमानत पर चल रही मृतक की पत्नी नीतू सिंह, अंकित और सुखवीर को कोर्ट ने बुधवार को अभिरक्षा में लेते हुए पौड़ी जेल भिजवा दिया है। सजा चार अक्तूबर को सुनाई जाएगी।