वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी, उत्तराखंड लोक कलाकार सोसाइटी के अध्यक्ष और जानेमाने रंगकर्मी बिजेंद्र चौधरी (64) का उपचार के दौरान आकस्मिक निधन हो गया। वह एक सप्ताह से देहरादून के एक अस्पताल में भर्ती थे। वह मधुमेह रोग से ग्रसित थे। रविवार रात उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में किया गया। उनके निधन पर विभिन्न संगठनों ने शोक जताया।
बिजेंद्र चौधरी गढ़वाली भाषा के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए लगातार प्रयासरत रहे। उन्होंने कई गढ़वाली फिल्मों और एलबम में अभिनय किया। राज्य निर्माण आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। वर्ष 1988 से लेकर राज्य निर्माण होने तक वह कई बार जेल गए। उनके निधन की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान, राज्य आंदोलनकारी महेंद्र सिंह रावत सहित कई लोगों ने उनके मालगोदाम रोड स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बधाया। सोमवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में किया गया। उनके पुत्र राहुल चौधरी और आकाश चौधरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे। उधर, उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा की शोकसभा में राज्य आंदोलनकारी और रंगकर्मी बिजेंद्र चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर महेंद्र सिंह रावत, पंकज भट्ट, भगवती प्रसाद कंडवाल, पितृशरण जोशी, प्रकाश बमराड़ा, जगमोहन सिंह बिष्ट, हरीश बहुखंडी, अशोक कंडारी, गुलाब सिंह रावत और हयात सिंह गुसाईं आदि मौजूद रहे।