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Kotdwar News: पैरा नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में वीरेंद्र ने पाया 28वां स्थान
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Iनेताजी सुभाष नेशल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में हुई प्रतियोगिताI
पंजाब के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में आयोजित पांचवीं पैरा नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कोटद्वार स्टेडियम के खिलाड़ी वीरेंद्र कोटनाला ने 28वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने पहली बार नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था और पहली बार में ही शानदार प्रदर्शन से फलक पर चमक गए।
स्टेडियम के प्रभारी संदीप डुकलान ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन 24 से 28 दिसंबर तक पटियाला में हुआ था। वह उत्तराखंड के एक मात्र पैरा आर्चरी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। मवाकोट निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र का बायां पांव लकवाग्रस्त है। उनके दो बच्चे हैं। वह क्षेत्र में रंगाई पुताई का कार्य करते हैं। उनकी वीरेंद्र से मुलाकात दो माह पहले बालासौड़ स्थित एक स्वीमिंग पूल पर हुई थी। बीरेंद्र अच्छे तैराक भी है और वह बालासौड़ के स्वीमिंग पूल में नियमित अभ्यास करने आते थे। उन्होंने बीरेंद्र को आर्चरी का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया, जिस पर वह पिछले दो माह से स्टेडियम में आर्चरी का अभ्यास कर रहे हैं।
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पंजाब के नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पटियाला में आयोजित पांचवीं पैरा नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कोटद्वार स्टेडियम के खिलाड़ी वीरेंद्र कोटनाला ने 28वां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने पहली बार नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था और पहली बार में ही शानदार प्रदर्शन से फलक पर चमक गए।
स्टेडियम के प्रभारी संदीप डुकलान ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन 24 से 28 दिसंबर तक पटियाला में हुआ था। वह उत्तराखंड के एक मात्र पैरा आर्चरी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। मवाकोट निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र का बायां पांव लकवाग्रस्त है। उनके दो बच्चे हैं। वह क्षेत्र में रंगाई पुताई का कार्य करते हैं। उनकी वीरेंद्र से मुलाकात दो माह पहले बालासौड़ स्थित एक स्वीमिंग पूल पर हुई थी। बीरेंद्र अच्छे तैराक भी है और वह बालासौड़ के स्वीमिंग पूल में नियमित अभ्यास करने आते थे। उन्होंने बीरेंद्र को आर्चरी का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया, जिस पर वह पिछले दो माह से स्टेडियम में आर्चरी का अभ्यास कर रहे हैं।
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