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पांचवी गढ़वाल राइफल्स गौरव सेनानियों ने धूमधाम से मनाया हिल्ली डे
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कोटद्वार। पांचवीं गढ़वाल राइफल्स के गौरव सेनानियों ने बृहस्पतिवार को हिल्ली दिवस मनाया। इस मौके पर बटालियन के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दैरान पूर्व सैनिकों ने बटालियन के गौरवशाली इतिहास पर चर्चा की।
नजीबाबाद रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के अध्यक्ष ऑनरेरी कैप्टन रणजीत सिंह रावत (रिटा.) ने किया। इस मौके पर बटालियन के शहीद सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। संगठन के संरक्षक ऑनरेरी कैप्टन बलवंत सिंह रावत (रिटा.) ने हिल्ली डे पर प्रकाश डाला। कहा कि तीन नवंबर 1951 को बटालियन के कर्नल सुभाष चंद्र और सूबेदार मेजर भाग सिंह चौधरी ने कमान संभाली थी। 1971 में बटालियन मुक्ति वाहिनी का हिस्सा बनी और ऑपरेशन केक्टस हिल्ली को अंजाम देने के लिए हिल्ली पहुंची। यहां दुश्मनों के साथ घमासान युद्ध हुआ। इस दौरान दुश्मनों ने दमदमा ब्रिज तोड़कर डिफेंस जमा दिया, लेकिन बटालियन ने दुश्मनों पर चारों ओर से दबाव बनाकर 16 दिसंबर 1971 को उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान दुश्मनों के 15 ऑफिसर, 12 जेसीओ, 322 ओआर ने आत्मसमर्पण किया। बटालियन को बहादुरी के लिए हिल्ली बैटल डे अवार्ड से नवाजा गया।
कार्यक्रम में संगठन के उपाध्यक्ष आलम सिंह, सचिव जगत सिंह रावत, मदन सिंह, सुरेशानंद, मनमोहन, मदन नेगी, दलवीर सिंह, दिगंबर सिंह, भुवनेश्वर खर्कवाल, सुरेंद्र सिंह रावत, बलवंत सिंह व अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।
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नजीबाबाद रोड स्थित एक होटल में कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के अध्यक्ष ऑनरेरी कैप्टन रणजीत सिंह रावत (रिटा.) ने किया। इस मौके पर बटालियन के शहीद सैनिकों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। संगठन के संरक्षक ऑनरेरी कैप्टन बलवंत सिंह रावत (रिटा.) ने हिल्ली डे पर प्रकाश डाला। कहा कि तीन नवंबर 1951 को बटालियन के कर्नल सुभाष चंद्र और सूबेदार मेजर भाग सिंह चौधरी ने कमान संभाली थी। 1971 में बटालियन मुक्ति वाहिनी का हिस्सा बनी और ऑपरेशन केक्टस हिल्ली को अंजाम देने के लिए हिल्ली पहुंची। यहां दुश्मनों के साथ घमासान युद्ध हुआ। इस दौरान दुश्मनों ने दमदमा ब्रिज तोड़कर डिफेंस जमा दिया, लेकिन बटालियन ने दुश्मनों पर चारों ओर से दबाव बनाकर 16 दिसंबर 1971 को उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर दिया। इस दौरान दुश्मनों के 15 ऑफिसर, 12 जेसीओ, 322 ओआर ने आत्मसमर्पण किया। बटालियन को बहादुरी के लिए हिल्ली बैटल डे अवार्ड से नवाजा गया।
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कार्यक्रम में संगठन के उपाध्यक्ष आलम सिंह, सचिव जगत सिंह रावत, मदन सिंह, सुरेशानंद, मनमोहन, मदन नेगी, दलवीर सिंह, दिगंबर सिंह, भुवनेश्वर खर्कवाल, सुरेंद्र सिंह रावत, बलवंत सिंह व अर्जुन सिंह आदि मौजूद रहे।
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