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Kotdwar News: पुल बनने के बाद भी नहीं बन सकेगी एप्रोच रोड
Wed, 08 Apr 2026 06:08 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Wed, 08 Apr 2026 06:08 PM IST
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आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग पर अधूरे पड़े तीन पुलों का निर्माण कार्य प्रस्तावित
एप्रोच रोड निर्माण में फंसा वन अधिनियम का पेंच
दुगड्डा (कोटद्वार)। आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन एक पुल तक एप्रोच बनाने के लिए अभी तक वन भूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है जिससे पुल बनने के बाद भी ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ेगी। मार्ग पर तीन पुलों का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है।
काटल, जमणसार, मानपुर, जमरगड्डी, सुनारी, धरियालसार, घट्टाधार, पलेठा को सड़क से जोड़ने के लिए शासन ने पांच किमी आमसौड़-जमरगड्डी सड़क निर्माण को मंजूरी प्रदान करते हुए प्रथम चरण के निर्माण कार्य के लिए 321.22 लाख रुपये के बजट अवमुक्त किया। कार्यदायी संस्था नेशनल प्रोजेकट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनपीसीसी) पीएमजीएसवाई दुगड्डा की ओर से वर्ष 2019-20 में रोड कटिंग का कार्य किया गया।
शासन की ओर से द्वितीय चरण के निर्माण कार्य के लिए 231.60 लाख रुपये का बजट अवमुक्त किया गया। कार्यदायी संस्था ने मार्च 2022 में द्वितीय चरण में सुरक्षा दीवार, पुश्ते, रिटेनिंग वाल, काजवे, नाली निर्माण, स्कपर आदि के निर्माण कार्य करवाए। इस बीच 2023 में सड़क के डामरीकरण व तीन मोटर पुलों का निर्माण के लिए शासन की ओर से 4.92 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए।
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कार्यदायी संस्था ने डामरीकरण के साथ ही पुलों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। वर्ष 2023 में आई आपदा में पहाड़ी में भारी भूस्खलन होने से प्रथम दो पुलों के निर्माण स्थल में भी अतिवृष्टि से अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रथम पुल के निर्माण स्थल की काफी भूमि बरसाती नाले में समा गई जिससे पुलों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया।
वर्तमान में कार्यदायी संस्था की ओर से आपदा मद से मिली 58 लाख की धनराशि से क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद अधूरे पड़े तीनों पुलों के निर्माण कार्य शुरू होने हैं लेकिन पुल बनने के बाद भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। दरअसल पुल व मोटर मार्ग के बीच का हिस्सा आरक्षित वन क्षेत्र है। वन भूमि हस्तांतरित न होने से पेड़ों के पातन की अनुमति नहीं मिल पाई है। वन भूमि हस्तांतरित किए बगैर उनका पातन व एप्रोच निर्माण कार्य करना संभव नहीं है।
आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग में पुल व मोटर मार्ग के बीच एप्रोच के लिए अभी वन भूमि हस्तांतरित नहीं हुई है। वन भूमि हस्तांतरित होने के बाद ही एप्रोच का निर्माण कार्य कराया जा सकता है।
- रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंज अधिकारी दुगड्डा।
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आमसौड़-जमरगड्डी 5 किमी. मार्ग स्वीकृत है लेकिन वन विभाग की आपत्ति का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामला दिखवाने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- शुभम जैन, एई एनपीसीसी पीएमजीएसवाई दुगड्डा।
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एप्रोच रोड निर्माण में फंसा वन अधिनियम का पेंच
दुगड्डा (कोटद्वार)। आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन एक पुल तक एप्रोच बनाने के लिए अभी तक वन भूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया है जिससे पुल बनने के बाद भी ग्रामीणों को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ेगी। मार्ग पर तीन पुलों का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा पड़ा है।
काटल, जमणसार, मानपुर, जमरगड्डी, सुनारी, धरियालसार, घट्टाधार, पलेठा को सड़क से जोड़ने के लिए शासन ने पांच किमी आमसौड़-जमरगड्डी सड़क निर्माण को मंजूरी प्रदान करते हुए प्रथम चरण के निर्माण कार्य के लिए 321.22 लाख रुपये के बजट अवमुक्त किया। कार्यदायी संस्था नेशनल प्रोजेकट कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनपीसीसी) पीएमजीएसवाई दुगड्डा की ओर से वर्ष 2019-20 में रोड कटिंग का कार्य किया गया।
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शासन की ओर से द्वितीय चरण के निर्माण कार्य के लिए 231.60 लाख रुपये का बजट अवमुक्त किया गया। कार्यदायी संस्था ने मार्च 2022 में द्वितीय चरण में सुरक्षा दीवार, पुश्ते, रिटेनिंग वाल, काजवे, नाली निर्माण, स्कपर आदि के निर्माण कार्य करवाए। इस बीच 2023 में सड़क के डामरीकरण व तीन मोटर पुलों का निर्माण के लिए शासन की ओर से 4.92 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए।
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कार्यदायी संस्था ने डामरीकरण के साथ ही पुलों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। वर्ष 2023 में आई आपदा में पहाड़ी में भारी भूस्खलन होने से प्रथम दो पुलों के निर्माण स्थल में भी अतिवृष्टि से अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रथम पुल के निर्माण स्थल की काफी भूमि बरसाती नाले में समा गई जिससे पुलों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया।
वर्तमान में कार्यदायी संस्था की ओर से आपदा मद से मिली 58 लाख की धनराशि से क्षतिग्रस्त पुश्तों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके बाद अधूरे पड़े तीनों पुलों के निर्माण कार्य शुरू होने हैं लेकिन पुल बनने के बाद भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। दरअसल पुल व मोटर मार्ग के बीच का हिस्सा आरक्षित वन क्षेत्र है। वन भूमि हस्तांतरित न होने से पेड़ों के पातन की अनुमति नहीं मिल पाई है। वन भूमि हस्तांतरित किए बगैर उनका पातन व एप्रोच निर्माण कार्य करना संभव नहीं है।
आमसौड़-जमरगड्डी मोटर मार्ग में पुल व मोटर मार्ग के बीच एप्रोच के लिए अभी वन भूमि हस्तांतरित नहीं हुई है। वन भूमि हस्तांतरित होने के बाद ही एप्रोच का निर्माण कार्य कराया जा सकता है।
- रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंज अधिकारी दुगड्डा।
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आमसौड़-जमरगड्डी 5 किमी. मार्ग स्वीकृत है लेकिन वन विभाग की आपत्ति का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामला दिखवाने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- शुभम जैन, एई एनपीसीसी पीएमजीएसवाई दुगड्डा।