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Kotdwar News: आठ साल बाद भी इंटर विज्ञान वर्ग को सवित्त मान्यता का इंतजार
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कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के इंटर कॉलेज पोखरी अजमीर में इंटर विज्ञान वर्ग के संचालन के लिए आठ साल बाद भी सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान नहीं मिल पाया है। पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा और शासनादेश जारी होने के बावजूद बजट की व्यवस्था नहीं होने से विद्यालय प्रशासन को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों को उचित मानदेय देना भी चुनौती बना हुआ है। फिलहाल ग्रामीणों और अभिभावकों के सहयोग से विज्ञान वर्ग की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र की सात ग्रामसभाओं के 17 राजस्व गांवों के लिए यह विद्यालय विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। आसपास 25 से 30 किलोमीटर तक दूसरा विद्यालय नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्ष 1990 के दशक से ही यहां विज्ञान वर्ग शुरू करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन प्रधानाचार्य ने विज्ञान वर्ग संचालन का प्रस्ताव तैयार किया था।
छह जनवरी 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांडी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय को इंटर विज्ञान वर्ग की सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान देने की घोषणा की थी। इसके बाद 21 दिसंबर 2016 को सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान व 27 दिसंबर 2016 को विषयों की मान्यता का शासनादेश जारी हुआ। विद्यालय प्रशासन ने 19 अप्रैल 2017 से विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू कर दीं, लेकिन आर्थिक सहायता नहीं मिली। वर्तमान में कक्षा 12 में छह और कक्षा 11 में तीन विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि चंडी प्रसाद कुकरेती, राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल, पीटीए अध्यक्ष रजनी बिष्ट और विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गौड़ ने शासन से सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान जारी करने की मांग की है।
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शासन को भेजी गई निरीक्षण रिपोर्ट
विद्यालय प्रशासन ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से भी गुहार लगाई थी। उनके स्तर से शिक्षा निदेशालय से जानकारी मांगी गई। इसके बाद 22 मई 2025 को तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पौड़ी रणजीत सिंह नेगी ने विद्यालय का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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विद्यालय के निरीक्षण के बाद सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान के लिए रिपोर्ट तैयार कर पूर्व में शिक्षा निदेशालय को भेजी गई थी। निदेशालय से अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
- अत्रेय सयाना, मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी।
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फोटो समाचार
जारी
अशोक केष्टवाल
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दुगड्डा ब्लॉक के घाड़ क्षेत्र की सात ग्रामसभाओं के 17 राजस्व गांवों के लिए यह विद्यालय विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। आसपास 25 से 30 किलोमीटर तक दूसरा विद्यालय नहीं होने के कारण ग्रामीण वर्ष 1990 के दशक से ही यहां विज्ञान वर्ग शुरू करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन प्रधानाचार्य ने विज्ञान वर्ग संचालन का प्रस्ताव तैयार किया था।
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छह जनवरी 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांडी में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय को इंटर विज्ञान वर्ग की सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान देने की घोषणा की थी। इसके बाद 21 दिसंबर 2016 को सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान व 27 दिसंबर 2016 को विषयों की मान्यता का शासनादेश जारी हुआ। विद्यालय प्रशासन ने 19 अप्रैल 2017 से विज्ञान वर्ग की कक्षाएं शुरू कर दीं, लेकिन आर्थिक सहायता नहीं मिली। वर्तमान में कक्षा 12 में छह और कक्षा 11 में तीन विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि चंडी प्रसाद कुकरेती, राजेंद्र प्रसाद केष्टवाल, पीटीए अध्यक्ष रजनी बिष्ट और विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गौड़ ने शासन से सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान जारी करने की मांग की है।
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शासन को भेजी गई निरीक्षण रिपोर्ट
विद्यालय प्रशासन ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी से भी गुहार लगाई थी। उनके स्तर से शिक्षा निदेशालय से जानकारी मांगी गई। इसके बाद 22 मई 2025 को तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी पौड़ी रणजीत सिंह नेगी ने विद्यालय का निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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विद्यालय के निरीक्षण के बाद सवित्त मान्यता और टोकन अनुदान के लिए रिपोर्ट तैयार कर पूर्व में शिक्षा निदेशालय को भेजी गई थी। निदेशालय से अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
- अत्रेय सयाना, मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी।
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जारी
अशोक केष्टवाल