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वनाग्नि बुझाने मौके पर न पहुंचने पर डीएफओ से जवाब तलब
अमर उजाला/पौड़ी।
Updated Mon, 18 Apr 2016 09:13 PM IST
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जंगल में आग।
- फोटो : अमर उजाला
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कंडोलिया मंदिर के नीचे के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर न पहुंचना सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के अधिकारियों को महंगा पड़ सकता है। गढ़वाल वृत्त के वन संरक्षक जीएस सोनार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के डीएफओ को जवाब तलब कर दिया है।
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उल्लेखनीय है कि रविवार को चीड़ के जंगल में अचानक आग भड़क गई। देखते ही देखते कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैल गई लेकिन धू-धू कर जल रहे जंगलों पर वन विभाग की निगाह नहीं पड़ी। बाद में अग्नि शमन विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। यह घटना मुख्य वन संरक्षक कार्यालय से चंद कदम दूर के जंगल में होने के बाद भी वन विभाग सोया रहा है।
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इस घटना से वन विभाग के बेखबर रहने की बात सोमवार को अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई। खबर पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए गढ़वाल वृत्त के वन संरक्षक जीएस सोनार सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत को जवाब तलब किया है। वन संरक्षक जीएस सोनार ने कहा कि विभागीय कार्यालयों से कुछ दूर सिविल वन में लगी आग को बुझाने के लिए विभाग का मौके पर न पहुंचना गंभीर बात है। इस मामले में सिविल एवं सोयम वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत लिखित जवाब मांगा गया है।
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