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Kotdwar News: तैड़िया गांव में मूलभूत सुविधाओं की मांग
Thu, 17 Sep 2026 05:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कोटद्वार
Updated Thu, 17 Sep 2026 05:21 PM IST
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केटीआर के डीएफओ ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों संग की बैठक
सोलर फेंसिंग, स्ट्रीट लाइट, सड़क और विद्युतीकरण का दिया भरोसा
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के कोर जोन में बसे तैड़िया गांव के विस्थापन की करीब तीन दशक पुरानी प्रक्रिया के बीच ग्रामीणों ने अब विस्थापन से इतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग के डीएफओ तरुण एस ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की और विस्थापन को लेकर उनकी राय जानी।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएफओ तरुण एस ने ग्रामीणों को कोर जोन और बफर जोन की स्थिति समझाई। उन्होंने कहा कि शासन से मिले आदेश के क्रम में वह गांव की परिस्थितियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि तैड़ियाखाल से तैड़िया गांव के जेठनूं तक की दूरी करीब 1.3 किलोमीटर है। गांव तक पहुंचने वाला पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त है।
ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी ने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया चलने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए गांव के आसपास तीन किलोमीटर क्षेत्र में सोलर फेंसिंग, सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, तैड़ियाखाल से गांव तक कम से कम छह फीट चौड़े मार्ग के नवीनीकरण और विद्युतीकरण की मांग रखी। बैठक में वन क्षेत्राधिकारी कृति नेगी, गोविंद राम, मोहनलाल, ओमप्रकाश, प्रेम बल्लभ, काशंबरी देवी, दिक्का, सुनीता देवी, चंदा देवी, सरिता देवी आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन ग्रामीण डॉ. अंबिका प्रसाद ध्यानी ने किया।
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सोलर फेंसिंग, स्ट्रीट लाइट, सड़क और विद्युतीकरण का दिया भरोसा
कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के कोर जोन में बसे तैड़िया गांव के विस्थापन की करीब तीन दशक पुरानी प्रक्रिया के बीच ग्रामीणों ने अब विस्थापन से इतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) वन प्रभाग के डीएफओ तरुण एस ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की और विस्थापन को लेकर उनकी राय जानी।
ग्राम पंचायत कांडा की प्रधान बिनीता ध्यानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में डीएफओ तरुण एस ने ग्रामीणों को कोर जोन और बफर जोन की स्थिति समझाई। उन्होंने कहा कि शासन से मिले आदेश के क्रम में वह गांव की परिस्थितियों का जायजा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि तैड़ियाखाल से तैड़िया गांव के जेठनूं तक की दूरी करीब 1.3 किलोमीटर है। गांव तक पहुंचने वाला पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त है।
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ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी ने कहा कि विस्थापन की प्रक्रिया चलने के साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाना जरूरी है। उन्होंने वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए गांव के आसपास तीन किलोमीटर क्षेत्र में सोलर फेंसिंग, सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, तैड़ियाखाल से गांव तक कम से कम छह फीट चौड़े मार्ग के नवीनीकरण और विद्युतीकरण की मांग रखी। बैठक में वन क्षेत्राधिकारी कृति नेगी, गोविंद राम, मोहनलाल, ओमप्रकाश, प्रेम बल्लभ, काशंबरी देवी, दिक्का, सुनीता देवी, चंदा देवी, सरिता देवी आदि मौजूद रहे। बैठक का संचालन ग्रामीण डॉ. अंबिका प्रसाद ध्यानी ने किया।
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