{"_id":"57b49bb54f1c1bd0596eb734","slug":"cm-reminded-announcements","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम को याद दिलाई घोषणाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम को याद दिलाई घोषणाएं
ब्यूरो/अमर उजाला कोटद्वार
Updated Wed, 17 Aug 2016 10:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमकेश्वर के ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून बीजापुर हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात कर उन्हें छह जनवरी, 2015 को कांडी दौरे के दौरान की गई घोषणाओं की याद दिलाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 48 से अधिक घोषणाओं में से एक भी धरातल पर नहीं उतरी। कहा कि वर्ष 2014 में आई आपदा से भी अभी तक यमकेश्वर नहीं उबर पाया है।
विज्ञापन
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी केपी रतूड़ी, दिंगबर कुकरेती, रणधीर सिंह नेगी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को अलग-अलग समस्याओं के निराकरण के लिए ज्ञापन सौंपे। कहा कि कांडी दौरे में की गई घोषणाओं में कांडी-फेडुआ सीला मोटर मार्ग पूर्व से ही स्वीकृत है।
विज्ञापन
धारकोट से फेडुवा तक का मोटर मार्ग अभी तक वन भूमि हस्तांतरण में फंसा पड़ा है। ठांगर-गाजसेरा मोटर मार्ग और शीला मोटर पुल के निर्माण की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। शीला मोटर पुल के टूटने से विकासखंड के डाडामंडल क्षेत्र के करीब चालीस से अधिक गांवों का सड़क संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। भृगुखाल-थनूर मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क के पुश्ते ढह चुके हैं, जिससे स्कूली बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
भाजपा ने घोषणाओं को जनता से छलावा बताया
पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा के जिला महामंत्री विजय लखेड़ा ने छह जनवरी, 2015 को कांडी दौरे के दौरान की कई घोषणाओं को जनता से छलावा बताया। भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनके द्वारा की गई घोषणाओं की याद दिलाई है।
कहा कि यमकेश्वर में डिग्री कालेज खोलने, आईटीआई खोलने, पंपिंग योजनाओं का निर्माण, कई नई सड़कों के निर्माण, इंटर कालेजों में विज्ञान विषय की सवित्त मान्यता दिलाने समेत करीब 48 घोषणाएं की थी। जिलाधिकारी गढ़वाल ने भी इन घोषणाओं को अपने रिकार्ड में लिया है, लेकिन डेढ़ साल से ये आश्वासन धरातल पर नहीं उतर सके हैं।