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बाघ के हमले में घायल शिशु हाथी ने दम तोड़ा
दुगड्डा (कोटद्वार)
Updated Thu, 18 Feb 2016 08:46 PM IST
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लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत दुगड्डा रेंज में करीब एक महीने के शिशु हाथी ने दम तोड़ दिया है। बृहस्पतिवार सुबह उसका शव नेशनल हाईवे के किनारे स्थित खोह नदी तट पर पड़ा मिला। वन अधिकारियों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उसे टाइगर ने हमलाकर घायल कर दिया था। घाव में संक्रमण के चलते उसकी मौत हो गई। वन विभाग उस पर निगाह रखे हुए था, लेकिन हथिनी उसे छोड़ नहीं रही थी। इसी वजह से उसका उपचार नहीं हो सका। बच्चे की मौत से हथिनी गुस्से में है। वन अधिकारियों ने लोगों को चेताया कि वह हाथी झुंड अथवा अकेले हाथी से दूर रहें।
दुगड्डा के रेंज अधिकारी आरके बत्रा ने बताया कि एक माह की मादा हाथी कई दिनों से घायल अवस्था में झुंड के साथ चल रही थी। बृहस्पतिवार को शव की सूचना मिलते ही डीएफओ एनएम त्रिपाठी, एसडीओ एमके बहुखंडी समेत सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ के निर्देश पर दो पशु चिकित्सकों डा. राजेश कुमार और डा. मंजूपाल ने शिशु हाथी का पोस्टमार्टम किया और उसका बिसरा सुरक्षित रख लिया गया। ब्यूरो
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दुगड्डा के रेंज अधिकारी आरके बत्रा ने बताया कि एक माह की मादा हाथी कई दिनों से घायल अवस्था में झुंड के साथ चल रही थी। बृहस्पतिवार को शव की सूचना मिलते ही डीएफओ एनएम त्रिपाठी, एसडीओ एमके बहुखंडी समेत सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ के निर्देश पर दो पशु चिकित्सकों डा. राजेश कुमार और डा. मंजूपाल ने शिशु हाथी का पोस्टमार्टम किया और उसका बिसरा सुरक्षित रख लिया गया। ब्यूरो
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