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पर्वतीय रूट पर अनुबंधित बसों के संचालन पर भड़के
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उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े यातायात एवं कार्यशाला कर्मियों ने कोटद्वार डिपो से अनुबंधित बसों का पर्वतीय रूटों पर संचालन होने के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही सहायक महाप्रबंधक को ज्ञापन भी सौंपा।
शुक्रवार को उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े यातायात एवं कार्यशाला कर्मचारी कार्यशाला के गेट पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने परिवहन निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक घंटे तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि पहले से ही डिपो में ज्यादा संख्या में अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। यदि अनुबंधित बसें बढ़ती हैं तो धीरे-धीरे परिवहन निगम की बसें खत्म हो जाएंगी। आरोप लगाया कि परिवहन निगम प्रबंधन डिपो का निजीकरण कर रहा है, जिससे कर्मचारियों का रोजगार खत्म हो जाएगा। इससे पूर्व कर्मचारियों ने दोनों बसों का संचालन नहीं होने दिया। साथ ही डिपो के सहायक महाप्रबंधक टीकाराम आदित्य को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि कोटद्वार डिपो में दो अनुबंधित बसें आई हैं, जिनका संचालन लैंसडौन-कोटद्वार-देहरादून रूट पर किया जा रहा है। इस संबंध में संगठन पूर्व में भी विरोध दर्ज करा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में रोष है। चेतावनी दी कि यदि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। इस मौके पर कर्मचारियों ने तीन माह के बकाया वेतन भुगतान की मांग भी उठाई। कहा कि मांग पर कार्रवाई होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर यातायात शाखा के मंत्री विनोद गुसाईं, कार्यशाला इकाई के मंत्री अनिल नेगी, प्रभाकर जखमोला, सुरेंद्र सिंह, विमल जुयाल, संदीप राणा, संदीप लखेड़ा, प्रदीप असवाल, प्रदीप रावत, संदीप सिंह, केपी सिंह, हेमेंद्र सिंह, राजेंद्र नौटियाल, दिवाकर, दलबीर नेगी आदि मौजूद थे।
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शुक्रवार को उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े यातायात एवं कार्यशाला कर्मचारी कार्यशाला के गेट पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने परिवहन निगम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक घंटे तक सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि पहले से ही डिपो में ज्यादा संख्या में अनुबंधित बसों का संचालन हो रहा है। यदि अनुबंधित बसें बढ़ती हैं तो धीरे-धीरे परिवहन निगम की बसें खत्म हो जाएंगी। आरोप लगाया कि परिवहन निगम प्रबंधन डिपो का निजीकरण कर रहा है, जिससे कर्मचारियों का रोजगार खत्म हो जाएगा। इससे पूर्व कर्मचारियों ने दोनों बसों का संचालन नहीं होने दिया। साथ ही डिपो के सहायक महाप्रबंधक टीकाराम आदित्य को ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में कहा गया कि कोटद्वार डिपो में दो अनुबंधित बसें आई हैं, जिनका संचालन लैंसडौन-कोटद्वार-देहरादून रूट पर किया जा रहा है। इस संबंध में संगठन पूर्व में भी विरोध दर्ज करा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में रोष है। चेतावनी दी कि यदि मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन को बाध्य होगा। इस मौके पर कर्मचारियों ने तीन माह के बकाया वेतन भुगतान की मांग भी उठाई। कहा कि मांग पर कार्रवाई होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर यातायात शाखा के मंत्री विनोद गुसाईं, कार्यशाला इकाई के मंत्री अनिल नेगी, प्रभाकर जखमोला, सुरेंद्र सिंह, विमल जुयाल, संदीप राणा, संदीप लखेड़ा, प्रदीप असवाल, प्रदीप रावत, संदीप सिंह, केपी सिंह, हेमेंद्र सिंह, राजेंद्र नौटियाल, दिवाकर, दलबीर नेगी आदि मौजूद थे।
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