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जहरीली शराब कांड के विरोध में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
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political
- फोटो : amarujala
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कोटद्वार। रुड़की में जहरीली शराब से हुई दर्जनों लोगों की मौत के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के साथ प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता गैराज रोड स्थित जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में एकत्र हुए। यहां उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश की जीरो टॉलरेंस की सरकार की लापरवाही के चलते अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी की सीमा से सटे गांवों से तस्करी कर कच्ची शराब उत्तराखंड में लाई जा रही है। शराब माफिया पर सरकार का अंकुश न होने के कारण अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि अब भी प्रदेश सरकार नहीं चेती तो उसके खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजना रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह, कृष्णा बहुगुणा, हरीश व बंटी भाटिया आदि मौजूद रहे।
मृतकों के परिजनों को मिले दस-दस लाख का मुआवजा
कोटद्वार। कांग्रेस की बैठक में यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत होने पर दोनों प्रदेश के आबकारी मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे, मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई।
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रविवार को बद्रीनाथ मार्ग स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व राज्य मंत्री जसबीर राणा ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। दोनों राज्य सरकारें जीरो टॉलरेंस की बात करती हैं, लेकिन जिस तरह जहरीली शराब पीने से मौतें हुई हैं, उससे दोनों सरकारों की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है। कहा कि दोनों सरकारों को तत्काल आबकारी मंत्रियों का इस्तीफा लेने के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। बैठक में मृतक परिवारों को दस-दस लाख मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। बैठक में प्रवेश रावत, हेमचंद्र पंवार, राकेश शर्मा, बृजेंद्र सिंह नेगी, सौरभ पांडे, उमेश बिष्ट, तेजपाल पटवाल, दीपक रावत व अतुल नेगी आदि ने विचार रखे।
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रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता गैराज रोड स्थित जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में एकत्र हुए। यहां उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश की जीरो टॉलरेंस की सरकार की लापरवाही के चलते अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी की सीमा से सटे गांवों से तस्करी कर कच्ची शराब उत्तराखंड में लाई जा रही है। शराब माफिया पर सरकार का अंकुश न होने के कारण अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि अब भी प्रदेश सरकार नहीं चेती तो उसके खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजना रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष विजय नारायण सिंह, कृष्णा बहुगुणा, हरीश व बंटी भाटिया आदि मौजूद रहे।
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मृतकों के परिजनों को मिले दस-दस लाख का मुआवजा
कोटद्वार। कांग्रेस की बैठक में यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से दर्जनों लोगों की मौत होने पर दोनों प्रदेश के आबकारी मंत्रियों से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे, मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई।
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रविवार को बद्रीनाथ मार्ग स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में पूर्व राज्य मंत्री जसबीर राणा ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत पर शोक संवेदना व्यक्त की गई। दोनों राज्य सरकारें जीरो टॉलरेंस की बात करती हैं, लेकिन जिस तरह जहरीली शराब पीने से मौतें हुई हैं, उससे दोनों सरकारों की कथनी और करनी में अंतर साफ नजर आता है। कहा कि दोनों सरकारों को तत्काल आबकारी मंत्रियों का इस्तीफा लेने के साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। बैठक में मृतक परिवारों को दस-दस लाख मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई। बैठक में प्रवेश रावत, हेमचंद्र पंवार, राकेश शर्मा, बृजेंद्र सिंह नेगी, सौरभ पांडे, उमेश बिष्ट, तेजपाल पटवाल, दीपक रावत व अतुल नेगी आदि ने विचार रखे।