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कोर्ट के निर्देश पर भी पैसा न मिलने से भड़के निवेशकों ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल लिमिटेड के निवेशकों ने अपने पैसे वापस दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल लिमिटेड के अभिकर्ता और निवेशक हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि 1983 में पल्स ग्रुप ने पीएसीएल लिमिटेड नाम से एक रियल स्टेट कंपनी शुरू की। कंपनी ने भूखंड देने के नाम पर एक मुश्त एवं किश्त भुगतान योजना चलाई। देशभर के निवेशकों ने अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई कंपनी में निवेश कर दी। कंपनी पर प्रतिबंध लगने के कारण निवेशकों का 49 हजार एक सौ करोड़ रुपये फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर कंपनी की जमा संपत्तियों को बेचने का अधिकार देकर छह माह के भीतर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन चार वर्ष बाद भी निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं लौटाया गया।
ज्ञापन में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन कर निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग की गई। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में लक्ष्मी बिष्ट, सुखदेव शास्त्री, गोविंद सिंह, प्रेमलाल कुकरेती, बलवीर सिंह बिष्ट, अंजू पुंडीर, आशा नेगी, शशि रावत, मालती रावत, इंदू देवी, भास्करानंद, अर्चना रावत, बनीता देवी, अनीता, रीना आर्य, विजयलक्ष्मी, विनोद कुमार, विनीता देवी, दीपाली, कुसुमलता व कृपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को रियल स्टेट कंपनी पीएसीएल लिमिटेड के अभिकर्ता और निवेशक हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने नगर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया कि 1983 में पल्स ग्रुप ने पीएसीएल लिमिटेड नाम से एक रियल स्टेट कंपनी शुरू की। कंपनी ने भूखंड देने के नाम पर एक मुश्त एवं किश्त भुगतान योजना चलाई। देशभर के निवेशकों ने अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई कंपनी में निवेश कर दी। कंपनी पर प्रतिबंध लगने के कारण निवेशकों का 49 हजार एक सौ करोड़ रुपये फंसा हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर कंपनी की जमा संपत्तियों को बेचने का अधिकार देकर छह माह के भीतर निवेशकों का पैसा लौटाने के आदेश दिए थे, लेकिन चार वर्ष बाद भी निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं लौटाया गया।
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ज्ञापन में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन कर निवेशकों का पैसा लौटाने की मांग की गई। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में लक्ष्मी बिष्ट, सुखदेव शास्त्री, गोविंद सिंह, प्रेमलाल कुकरेती, बलवीर सिंह बिष्ट, अंजू पुंडीर, आशा नेगी, शशि रावत, मालती रावत, इंदू देवी, भास्करानंद, अर्चना रावत, बनीता देवी, अनीता, रीना आर्य, विजयलक्ष्मी, विनोद कुमार, विनीता देवी, दीपाली, कुसुमलता व कृपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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