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बस्यूर गांव के लोगों को दो साल से पानी का इंतजार
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दुगड्डा। जलसंस्थान की अनदेखी के चलते दुगड्डा ब्लाक की ग्राम पंचायत भानकोट के बस्यूर गांव की पेयजल योजना शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीण पिछले दो साल से गाड़-गदेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं, लेकिन लगातार शिकायत के बाद भी उनकी सुुध लेने वाला कोई नहीं है।
वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे बस्यूर गांव में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करने के लिए वर्ष 2017 में तुसरानी-सेंधीखाल पेयजल योजना से बस्यूर गांव को जोड़ने की योजना बनी थी। इसके लिए विभाग की ओर से गांव तक मुख्य टैंक बनाकर गांव तक पानी पहुंचाया गया। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि विभाग खुले में पाइप बिछाकर चलता बना। नतीजतन एक माह तक गांव में पानी आने के बाद देखरेख की कमी के चलते पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण विभाग द्वारा बनाई गई टंकी और स्टैंड पोस्ट पिछले दो साल से शोपीस बने हुए हैं।
ग्रामीण भगवती प्रसाद, महिमानंद, पीतांबरी देवी, सोनी देवी, गुड्डी देवी व सुबोध देवी ने जलसंस्थान पर उनके गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से वे पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के स्टैंड पोस्ट पर पानी आने के भरोसे बैठे रहते हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी शिकायत के बाद भी आश्वासन देकर काम चला रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने बताया कि बस्यूर गांव के लिए पूर्व में स्थापित योजना की मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने की उचित व्यवस्था की जाएगी।
-फोटो
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वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे बस्यूर गांव में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करने के लिए वर्ष 2017 में तुसरानी-सेंधीखाल पेयजल योजना से बस्यूर गांव को जोड़ने की योजना बनी थी। इसके लिए विभाग की ओर से गांव तक मुख्य टैंक बनाकर गांव तक पानी पहुंचाया गया। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि विभाग खुले में पाइप बिछाकर चलता बना। नतीजतन एक माह तक गांव में पानी आने के बाद देखरेख की कमी के चलते पाइप क्षतिग्रस्त हो गए। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। इसके कारण विभाग द्वारा बनाई गई टंकी और स्टैंड पोस्ट पिछले दो साल से शोपीस बने हुए हैं।
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ग्रामीण भगवती प्रसाद, महिमानंद, पीतांबरी देवी, सोनी देवी, गुड्डी देवी व सुबोध देवी ने जलसंस्थान पर उनके गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से वे पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव के स्टैंड पोस्ट पर पानी आने के भरोसे बैठे रहते हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी शिकायत के बाद भी आश्वासन देकर काम चला रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने बताया कि बस्यूर गांव के लिए पूर्व में स्थापित योजना की मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने की उचित व्यवस्था की जाएगी।
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