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153 रिक्रूट बने भारतीय सेना के अंग, देश की खातिर मर मिटने की खाई कसम
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:19 PM IST
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लैंसडौन। कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा, जोश से भरा यह गीत गाते हुए 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद गढ़वाल राइफल्स के 153 रिक्रूट भारतीय सेना के अभिन्न अंग बन गए। रिक्रूटों को पुनरीक्षक अधिकारी ले. जनरल एएस बेदी वाईएसएम, वीएसएम ने देश की सरहद की रक्षा करने, रेजीमेंट की मर्यादा और देश की अखंडता बनाए रखने की कसम दिलाई।
शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड बारिश के कारण नहीं हो सकी। इसके कारण सुरजन प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परेड को संबोधित करते हुए ले. जनरल बेदी ने नवनियुक्त सैनिकों का आह्वान किया कि देश की रक्षा करने के लिए चाहे उन्हें अपने प्राणों की भी बाजी लगानी पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर नवनियुक्त सैनिकों ने राष्ट्र और रेजीमेंट की आन-बान-शान बनाए रखने के लिए अपने आप को देश के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया।
इस मौके पर पुनरीक्षक अधिकारी जनरल बेदी ने नवनियुक्त सैनिकों से अपेक्षा की कि जिन मूल्यों की खातिर देश की रक्षा करते शहीद रणबांकुरों ने उच्च आदर्श स्थापित किए। उसी परंपराओं को उन्हें भी आगे बढ़ाना होगा। इस अवसर पर रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर रायल लाल रंग की रस्सी धारण कर राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इससे पूर्व धर्मगुरु सुबेदार शशांक शेखर डिमरी ने रिक्रूटों को गीता पर हाथ रखकर देश की आन-बान और शान की रक्षा की कसम दिलाई।
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बारिश ने फेरा पासिंग आउट परेड पर पानी
शनिवार को सुबह मौसम खुला रहा। अपने लाडलों की पासिंग आउट परेड देखने के लिए हजारों की संख्या में दूरस्थ इलाकों से पंहुचे परिजन सुबह तड़के ही स्टेडियम पहुंच गए थे। जैसे ही रिक्रूटों की परेड की चार टुकड़ियां परेड कमांडर विजय सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शौर्य द्वार से होते हुए स्टेडियम पहुंची तभी बारिश शुरू हो गई। पुनरीक्षक अधिकारी के परेड के निरीक्षण करने से पहले ही मूसलाधार बारिश होने लगी। कुछ देर तक लोग अपने अपने स्थानों पर खड़े रहे, लेकिन भारी बारिश होने पर वे सुरक्षित स्थानों के लिए जाने लगे। बारिश के कारण लोगों की परेशानियों को देखते हुए परेड स्थगित करनी पड़ी। मौसम को देखते हुए रिक्रूटों को सुरजन प्रेक्षागृह में शपथ दिलाई गई।
सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट हुए सम्मानित
लैंसडौन। 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण दौरान विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे रिक्रूटों को पुनरीक्षक अधिकारी एएस बेदी ने पदक देकर सम्मानित किया। ओवर आल प्रदर्शन के लिए रवींद्र सिंह को स्वर्ण, आशीष भंडारी को रजत, वरूण सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया गया। ड्रिल के लिए विजय सिंह को, शारीरिक गतिविधि पीटी के लिए विजल को पदक प्रदान कर सम्मान दिया गया। बेस्ट अनुदेशक के लिए हवलदार गोविंद सिंह डेल्टा कंपनी, बेस्ट प्लाटून कमांडर के लिए नायब सूबेदार रमेश सिंह डेल्टा कंपनी को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी और कई सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
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शनिवार को आयोजित पासिंग आउट परेड बारिश के कारण नहीं हो सकी। इसके कारण सुरजन प्रेक्षागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परेड को संबोधित करते हुए ले. जनरल बेदी ने नवनियुक्त सैनिकों का आह्वान किया कि देश की रक्षा करने के लिए चाहे उन्हें अपने प्राणों की भी बाजी लगानी पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर नवनियुक्त सैनिकों ने राष्ट्र और रेजीमेंट की आन-बान-शान बनाए रखने के लिए अपने आप को देश के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया।
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इस मौके पर पुनरीक्षक अधिकारी जनरल बेदी ने नवनियुक्त सैनिकों से अपेक्षा की कि जिन मूल्यों की खातिर देश की रक्षा करते शहीद रणबांकुरों ने उच्च आदर्श स्थापित किए। उसी परंपराओं को उन्हें भी आगे बढ़ाना होगा। इस अवसर पर रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर रायल लाल रंग की रस्सी धारण कर राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इससे पूर्व धर्मगुरु सुबेदार शशांक शेखर डिमरी ने रिक्रूटों को गीता पर हाथ रखकर देश की आन-बान और शान की रक्षा की कसम दिलाई।
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बारिश ने फेरा पासिंग आउट परेड पर पानी
शनिवार को सुबह मौसम खुला रहा। अपने लाडलों की पासिंग आउट परेड देखने के लिए हजारों की संख्या में दूरस्थ इलाकों से पंहुचे परिजन सुबह तड़के ही स्टेडियम पहुंच गए थे। जैसे ही रिक्रूटों की परेड की चार टुकड़ियां परेड कमांडर विजय सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शौर्य द्वार से होते हुए स्टेडियम पहुंची तभी बारिश शुरू हो गई। पुनरीक्षक अधिकारी के परेड के निरीक्षण करने से पहले ही मूसलाधार बारिश होने लगी। कुछ देर तक लोग अपने अपने स्थानों पर खड़े रहे, लेकिन भारी बारिश होने पर वे सुरक्षित स्थानों के लिए जाने लगे। बारिश के कारण लोगों की परेशानियों को देखते हुए परेड स्थगित करनी पड़ी। मौसम को देखते हुए रिक्रूटों को सुरजन प्रेक्षागृह में शपथ दिलाई गई।
सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट हुए सम्मानित
लैंसडौन। 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण दौरान विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहे रिक्रूटों को पुनरीक्षक अधिकारी एएस बेदी ने पदक देकर सम्मानित किया। ओवर आल प्रदर्शन के लिए रवींद्र सिंह को स्वर्ण, आशीष भंडारी को रजत, वरूण सिंह को कांस्य पदक प्रदान किया गया। ड्रिल के लिए विजय सिंह को, शारीरिक गतिविधि पीटी के लिए विजल को पदक प्रदान कर सम्मान दिया गया। बेस्ट अनुदेशक के लिए हवलदार गोविंद सिंह डेल्टा कंपनी, बेस्ट प्लाटून कमांडर के लिए नायब सूबेदार रमेश सिंह डेल्टा कंपनी को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर ब्रिगेडियर इंद्रजीत चटर्जी और कई सैन्य अधिकारी मौजूद थे।