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229 रिक्रूट बने सेना के अंग, देश की आन, बान और शान की रक्षा की शपथ ली
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:00 PM IST
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लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स के 78वें कोर्स के 229 रिक्रूटों ने शनिवार को आयोजित एक समारोह में देश की आन, बान और शान की रक्षा की शपथ ली और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गढ़वाल रेजीमेंट का अंग बने। पुनरीक्षक अधिकारी ब्रिगेडियर राजेंद्र जोशी सेना मेडल ने पीओपी परेड की सलामी ली। इससे पूर्व उन्होंने रिक्रटों की परेड का निरीक्षण किया। उन्होंने युद्ध स्मारक स्थित वीर सैनिक की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों का भी भावपूर्ण स्मरण किया।
बिग्रेडियर राजेंद्र जोशी ने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट की शौर्य गाथाओं की लंबी फेहरिस्त है। हमारे पूर्वज सैनिकों ने विश्व पटल में अपने साहस की अमिट छाप छोड़ते हुए देश और रेजीमेंट का नाम रोशन किया।
इस मौके पर 229 रिक्रटों ने अपने बांए कंधे से सफेद डोरी उतारकर दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक लाल रंग की स्कॉरलेट लाल डोरी धारण करते हुए राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इस मौके पर धर्म गुरु शंशाक शेखर डिमरी की अगुवाई में पहुंची राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने अपना हाथ धार्मिक ग्रंथ पर रखकर राष्ट्र की रक्षा व तिरंगे का मान रखने की शपथ ली। राष्ट्रीय ध्वज टोली में सूबेदार अमित सिंह, नायब सूबेदार पवन रावत, नायब सूबेदार विजय पंवार, सीएचएम नरेंद्र नेगी, सीएचएम भूपेंद्र बैंजवाल थे।
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बेस्ट रिक्रूटों को किया सम्मानित
पुनरीक्षक अधिकारी ब्रिगेडियर राजेंद्र जोशी ने 34 सप्ताह के प्रशिक्षण दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिक्रटों को पुरस्कृत किया। कुलदीप सिंह को आलराउंडर का गोल्ड मेडल, राजीव सिंह को फिजीकल में रजत, जसपाल सिंह को कांस्य पदक, ड्रिल में सर्वोत्तम रहे नवीन सिंह, फाइरिंग मेें सर्वोत्तम रहे पंकज सिंह को पदक प्रदान किए गए। नायक धीरेंद्र सिंह को उत्तम प्रशिक्षक, नायब सूबेदार कल्याण सिंह ई कंपनी को उत्तम प्रशिक्षक प्लाटून कमांडर का पदक दिया गया। चैंपियनशिप बैनर का खिताब ई कंपनी को मिला। सूबेदार नंदकिशोर ने पुनरीक्षक अधिकारी के हाथों यह बैनर ग्रहण किया।
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बिग्रेडियर राजेंद्र जोशी ने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट की शौर्य गाथाओं की लंबी फेहरिस्त है। हमारे पूर्वज सैनिकों ने विश्व पटल में अपने साहस की अमिट छाप छोड़ते हुए देश और रेजीमेंट का नाम रोशन किया।
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इस मौके पर 229 रिक्रटों ने अपने बांए कंधे से सफेद डोरी उतारकर दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक लाल रंग की स्कॉरलेट लाल डोरी धारण करते हुए राइफलमैन का दर्जा हासिल किया। इस मौके पर धर्म गुरु शंशाक शेखर डिमरी की अगुवाई में पहुंची राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने अपना हाथ धार्मिक ग्रंथ पर रखकर राष्ट्र की रक्षा व तिरंगे का मान रखने की शपथ ली। राष्ट्रीय ध्वज टोली में सूबेदार अमित सिंह, नायब सूबेदार पवन रावत, नायब सूबेदार विजय पंवार, सीएचएम नरेंद्र नेगी, सीएचएम भूपेंद्र बैंजवाल थे।
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बेस्ट रिक्रूटों को किया सम्मानित
पुनरीक्षक अधिकारी ब्रिगेडियर राजेंद्र जोशी ने 34 सप्ताह के प्रशिक्षण दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिक्रटों को पुरस्कृत किया। कुलदीप सिंह को आलराउंडर का गोल्ड मेडल, राजीव सिंह को फिजीकल में रजत, जसपाल सिंह को कांस्य पदक, ड्रिल में सर्वोत्तम रहे नवीन सिंह, फाइरिंग मेें सर्वोत्तम रहे पंकज सिंह को पदक प्रदान किए गए। नायक धीरेंद्र सिंह को उत्तम प्रशिक्षक, नायब सूबेदार कल्याण सिंह ई कंपनी को उत्तम प्रशिक्षक प्लाटून कमांडर का पदक दिया गया। चैंपियनशिप बैनर का खिताब ई कंपनी को मिला। सूबेदार नंदकिशोर ने पुनरीक्षक अधिकारी के हाथों यह बैनर ग्रहण किया।