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चार सूत्री मांगों को लेकर राज्य निर्माण आंदोलनकारियों ने तहसील में दिया धरना
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कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा ने मुजफ्फरनगर कांड और सीबीआई से संबंधित लंबित वादों का शीघ्र निस्तारण करने समेत चार सूत्री मांग के लिए तहसील में धरना दिया। उन्होंने महाधिवक्ता उत्तराखंड की अध्यक्षता में सीएससी और चिह्नित अधिवक्ताओं की उच्चस्तरीय कमेठी का गठन करने की मांग उठाई और मांगों पर कार्रवाई की मांग के लिए सीएम को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को राज्य निर्माण आंदोलनकारी तहसील पहुंचे और उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा के बैनर तले चार सूत्री मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को भेजे ज्ञापन में उन्होंने 31 दिसंबर 2017 से डीएम कार्यालयों में चिह्नीकरण के लिए लंबित आंदोलनकारियों के आवेदनों का तहसील स्तर पर एलआईयू से जांच करा एक निश्चित अवधि में निस्तारण कराने, पेंशन की पात्रता रखने वाले राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की विधवाओं को पेंशन के दायरे में लाकर उन्हें आंदोलनकारियों की भांति सुविधाएं देने, न्यायालय मुकदमे, घायल, अस्थाई जेल व जेल का मानक एक दिन बनाकर उन्हें चिह्नित आंदोलनकारियों की भांति सुविधा देने, राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण के मुद्दे पर पुन: विधेयक लाने आदि की मांग की। धरना प्रदर्शन करने वालों में मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत, सचिव हयात सिंह गुसाईं, गायत्री भट्ट, दिनेश गौड़, अखिलेश बड़थ्वाल, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, राजकुमार गुप्ता, कमल किशोर खंतवाल, सरस्वती देवी, अनीता दुदपुड़ी, दुर्गा काला, सावित्री देवी रौतेला, पार्वती देवी, संगीता रावत आदि शामिल रहे।
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शुक्रवार को राज्य निर्माण आंदोलनकारी तहसील पहुंचे और उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा के बैनर तले चार सूत्री मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष के माध्यम से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को भेजे ज्ञापन में उन्होंने 31 दिसंबर 2017 से डीएम कार्यालयों में चिह्नीकरण के लिए लंबित आंदोलनकारियों के आवेदनों का तहसील स्तर पर एलआईयू से जांच करा एक निश्चित अवधि में निस्तारण कराने, पेंशन की पात्रता रखने वाले राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की विधवाओं को पेंशन के दायरे में लाकर उन्हें आंदोलनकारियों की भांति सुविधाएं देने, न्यायालय मुकदमे, घायल, अस्थाई जेल व जेल का मानक एक दिन बनाकर उन्हें चिह्नित आंदोलनकारियों की भांति सुविधा देने, राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण के मुद्दे पर पुन: विधेयक लाने आदि की मांग की। धरना प्रदर्शन करने वालों में मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह रावत, सचिव हयात सिंह गुसाईं, गायत्री भट्ट, दिनेश गौड़, अखिलेश बड़थ्वाल, गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल, राजकुमार गुप्ता, कमल किशोर खंतवाल, सरस्वती देवी, अनीता दुदपुड़ी, दुर्गा काला, सावित्री देवी रौतेला, पार्वती देवी, संगीता रावत आदि शामिल रहे।
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