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नगर निगम को दहेज में मिली समस्याएं, निस्तारण चुनौती
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम की पहली मेयर हेमलता नेगी का सामना कोटद्वार में सबसे पहले पहाड़ जैसी समस्याओं से होगा। इनमें अधिकांश समस्याएं नगर निगम को पूर्व की नगर पालिका परिषद से मिली हैं। इसमें मोटर नगर में अधूरा पड़े बस अड्डे का निर्माण, कूड़ा निस्तारण, ट्रंचिंग ग्राउंड, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था शामिल हैं। नवनिर्वाचित मेयर के लिए जनता की अपेेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती भी रहेगी।
कोटद्वार की जनता ने नवसृजित नगर निगम की पहली मेयर का ताज कांग्रेस की हेमलता नेेगी के सिर सजाया है। नगर निगम की कुर्सी उन्हें विषम हालात में मिली है। सबसे पहला काम उन्हें नगर निगम के ढांचे को मजबूत करना होगा। करीब एक साल पहले नगर पालिका से निगम में उच्चीकृत हुए नगर निगम में पुराने शहरी क्षेत्र के साथ 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांव शामिल हुए हैं। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण, नियमित सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, ट्रंचिंग ग्राउंड और अन्य बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं हैं, जिसके लिए शासन से बजट उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बनेगा।
हेमलता नेगी अब तक अपने पति पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ चुनाव प्रबंधन और मंत्री पद के कामकाज में सहयोग करती आई हैं, लेकिन कोटद्वार की राजनीति से उनका सीधा सरोकार नहीं रहा। कोटद्वार नवसृजित नगर निगम है। नगर पालिका के पास संसाधनों की कमी के चलते कोई काम नहीं हो पाए। मोटर नगर में प्रस्तावित अत्याधुनिक बस अड्डे का निर्माण तीन साल से ठप पड़ा है। पीपीपी मोड में बन रहे इस बस अड्डे के निर्माण में कई पेच फंसे हैं और अब मामला कोर्ट में है। बस अड्डा न होने से नगर में यातायात अव्यवस्था को पटरी पर लाना भी बड़ी चुनौती है। खोह नदी के किनारे बना ट्रंचिंग ग्राउंड पहले ही बहुत छोटा पड़ गया है। नगर निगम बनने के बाद भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों के कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था भी उनके समक्ष चुनौती पेश करेगा। नगर निगम में 1.35 लाख की आबादी के लिए सीवर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व 24 घंटे पेयजल उपलब्धता समेत कई चुनौतियों से नई मेयर को जूझना पड़ेगा।
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जनता ने मुझ पर विश्वास जताकर मेयर बनाया है। सबको साथ लेकर और सभी की सहमति से चुनौतियों से निपटने के लिए सुनियोजित नीति तैयार की जाएगी। नगर निगम को मॉडल सिटी बनाया जाएगा।
-हेमलता नेगी, नवनिर्वाचित मेयर, नगर निगम कोटद्वार
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कोटद्वार की जनता ने नवसृजित नगर निगम की पहली मेयर का ताज कांग्रेस की हेमलता नेेगी के सिर सजाया है। नगर निगम की कुर्सी उन्हें विषम हालात में मिली है। सबसे पहला काम उन्हें नगर निगम के ढांचे को मजबूत करना होगा। करीब एक साल पहले नगर पालिका से निगम में उच्चीकृत हुए नगर निगम में पुराने शहरी क्षेत्र के साथ 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांव शामिल हुए हैं। इन गांवों में कूड़ा निस्तारण, नियमित सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, ट्रंचिंग ग्राउंड और अन्य बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं हैं, जिसके लिए शासन से बजट उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बनेगा।
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हेमलता नेगी अब तक अपने पति पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के साथ चुनाव प्रबंधन और मंत्री पद के कामकाज में सहयोग करती आई हैं, लेकिन कोटद्वार की राजनीति से उनका सीधा सरोकार नहीं रहा। कोटद्वार नवसृजित नगर निगम है। नगर पालिका के पास संसाधनों की कमी के चलते कोई काम नहीं हो पाए। मोटर नगर में प्रस्तावित अत्याधुनिक बस अड्डे का निर्माण तीन साल से ठप पड़ा है। पीपीपी मोड में बन रहे इस बस अड्डे के निर्माण में कई पेच फंसे हैं और अब मामला कोर्ट में है। बस अड्डा न होने से नगर में यातायात अव्यवस्था को पटरी पर लाना भी बड़ी चुनौती है। खोह नदी के किनारे बना ट्रंचिंग ग्राउंड पहले ही बहुत छोटा पड़ गया है। नगर निगम बनने के बाद भाबर की 35 ग्राम पंचायतों के 73 गांवों के कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था भी उनके समक्ष चुनौती पेश करेगा। नगर निगम में 1.35 लाख की आबादी के लिए सीवर और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व 24 घंटे पेयजल उपलब्धता समेत कई चुनौतियों से नई मेयर को जूझना पड़ेगा।
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जनता ने मुझ पर विश्वास जताकर मेयर बनाया है। सबको साथ लेकर और सभी की सहमति से चुनौतियों से निपटने के लिए सुनियोजित नीति तैयार की जाएगी। नगर निगम को मॉडल सिटी बनाया जाएगा।
-हेमलता नेगी, नवनिर्वाचित मेयर, नगर निगम कोटद्वार