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शौचालय की सुविधा से जूझ रहे हैं अमरनाथ मोहल्ले के लोग.
Updated Sun, 24 Sep 2017 10:47 PM IST
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लैंसडौन। देश के प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर-घर में शौचालय बनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन लैंसडौन के वार्ड नंबर चार के अमरनाथ मोहल्ला के लोग आज भी शौचालय जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता संजय कन्नौजिया ने आठ घर के पास सार्वजनिक शौचालय तथा स्नानागार बनवाने की मांग कैंट प्रशासन से की है।
कैंट प्रशासन को प्रेषित ज्ञापन मेें संजय ने बताया कि अमरनाथ मोहल्ले के निर्धन परिवारों के लोग शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से जूझ रहे हैं। इन परिवारों के लोगों को शौच के लिए दूर जाना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओें तथा बीमारी से पीड़ित, बच्चों के लिए शौच के लिए दूर जाना कष्टप्रद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष तत्कालीन सीईओ राजीव कुमार द्वारा अमरनाथ मोहल्ले के तीन परिवारों के कई सालों से पक्के बने शौचालय कैंट प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के कारण हटवा दिए थे। इसके बाद से इन परिवारों को सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। एक दर्जन से अधिक लोग शौचालय व स्नानागार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए परेशान हैं।
संजय कन्नौजिया ने शौचालय से वंचित इन परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने अथवा आठ घर के निकट अमरनाथ मोहल्ला के पास सार्वजनिक शौचालय तथा स्नानागार बनवाने की मांग कैंट प्रशासन से की है।
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कैंट प्रशासन को प्रेषित ज्ञापन मेें संजय ने बताया कि अमरनाथ मोहल्ले के निर्धन परिवारों के लोग शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं से जूझ रहे हैं। इन परिवारों के लोगों को शौच के लिए दूर जाना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओें तथा बीमारी से पीड़ित, बच्चों के लिए शौच के लिए दूर जाना कष्टप्रद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष तत्कालीन सीईओ राजीव कुमार द्वारा अमरनाथ मोहल्ले के तीन परिवारों के कई सालों से पक्के बने शौचालय कैंट प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के कारण हटवा दिए थे। इसके बाद से इन परिवारों को सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। एक दर्जन से अधिक लोग शौचालय व स्नानागार जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए परेशान हैं।
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संजय कन्नौजिया ने शौचालय से वंचित इन परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने अथवा आठ घर के निकट अमरनाथ मोहल्ला के पास सार्वजनिक शौचालय तथा स्नानागार बनवाने की मांग कैंट प्रशासन से की है।
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