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कोटद्वार में सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने की साजिश का हो खुलासा
Updated Mon, 11 Sep 2017 10:47 PM IST
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कोटद्वार। भाजपा की नगर इकाई ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर कोटद्वार की घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कहा कि कोटद्वार गढ़वाल का प्रवेश द्वार है। यूपी बॉर्डर से सटा होने के कारण शहर अपराध की दृष्टि से संवेदनशील होता जा रहा है। हाल में यहां पर सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसका खुलासा जरूरी है।
भाजपा के अध्यक्ष सुनील गोयल, उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, महामंत्री धर्मवीर गुसाईं और पंकज भाटिया, नगर प्रभारी मुन्नालाल मिश्रा ने इस घटनाक्रम को भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश करार दिया। कोटद्वार शहर की सीमा यूपी के बिजनौर जिले से मिलती है। पिछले कई समय से यहां सांप्रदायिक माहौल खराब करने की घटनाएं सामने आ रही है, जो कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के लिए चिंताजनक हैं। वर्ष 27 जुलाई, 2016 की रात जहां लकड़ी पड़ाव के एक धर्मस्थल में मांस का पैकेट और धमकीभरा पत्र रखा गया, वहीं हाल में गाड़ीघाट के धर्मस्थल में भी मांस बरामद होना गंभीर प्रकरण है। दो दिन पहले हिंदू समाज को अपमानित करने वाले पोस्टर को लगाना भी शहर के सद्भाव को चोट पहुंचाने का षड्यंत्र है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी जरूरी है।
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भाजपा के अध्यक्ष सुनील गोयल, उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल, महामंत्री धर्मवीर गुसाईं और पंकज भाटिया, नगर प्रभारी मुन्नालाल मिश्रा ने इस घटनाक्रम को भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश करार दिया। कोटद्वार शहर की सीमा यूपी के बिजनौर जिले से मिलती है। पिछले कई समय से यहां सांप्रदायिक माहौल खराब करने की घटनाएं सामने आ रही है, जो कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के लिए चिंताजनक हैं। वर्ष 27 जुलाई, 2016 की रात जहां लकड़ी पड़ाव के एक धर्मस्थल में मांस का पैकेट और धमकीभरा पत्र रखा गया, वहीं हाल में गाड़ीघाट के धर्मस्थल में भी मांस बरामद होना गंभीर प्रकरण है। दो दिन पहले हिंदू समाज को अपमानित करने वाले पोस्टर को लगाना भी शहर के सद्भाव को चोट पहुंचाने का षड्यंत्र है। इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी जरूरी है।
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