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उतराखंड को मिले वनवासी राज्य का दर्जा: किशोर
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किशनपुर। भाबर के झंडीचौड़ स्थित रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने उत्तराखंड को वनवासी राज्य का दर्जा दिलाने की मांग की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 30 मई को तिलवाड़ी आंदोलन के शहीदों के सम्मान में वनाधिकार दिवस घोषित किया जाना चाहिए।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने रामलीला मैदान स्थित डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का माल्यार्पण कर किया। उन्होंने उत्तराखंड को वनवासी राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वनाधिकार आंदोलन का समर्थन किया। कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड की वन संपदा पर उत्तराखंडियों का अधिकार नहीं रह गया है। प्रदेश सरकार पर जनता की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वनों से जनता का अधिकार पूर्ण रूप से छीन लिया गया है। प्रदेशवासियों को सूखी लकड़ी लाने के लिए उनके हाथ बांध दिए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से उत्तराखंड को ग्रीन बोनस देने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को रोजगार देने की बात कही। कहा कि उत्तराखंड से निकलने वाली गंगा, यमुना दिल्ली और पूरे उत्तरप्रदेश की प्यास बुझाती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के निवासियों को बोझिले बिल अदा करने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में भवन निर्माण के लिए रेत, बजरी, पत्थर व लकड़ी मुफ्त देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 30 मई को तिलवाड़ी आंदोलन के शहीदों के सम्मान में वनाधिकार दिवस घोषित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, जगमोहन सिंह नेगी, मनवर सिंह आर्य, सुनील भट्ट, सुधीर सिंह नेगी, पार्षद जगदीश मेहरा, अमित नेगी, मान सिंह व राजेश राणा उपस्थित रहे।
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रविवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तराखंड के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने रामलीला मैदान स्थित डा. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का माल्यार्पण कर किया। उन्होंने उत्तराखंड को वनवासी राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वनाधिकार आंदोलन का समर्थन किया। कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड की वन संपदा पर उत्तराखंडियों का अधिकार नहीं रह गया है। प्रदेश सरकार पर जनता की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वनों से जनता का अधिकार पूर्ण रूप से छीन लिया गया है। प्रदेशवासियों को सूखी लकड़ी लाने के लिए उनके हाथ बांध दिए गए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से उत्तराखंड को ग्रीन बोनस देने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड के प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को रोजगार देने की बात कही। कहा कि उत्तराखंड से निकलने वाली गंगा, यमुना दिल्ली और पूरे उत्तरप्रदेश की प्यास बुझाती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के निवासियों को बोझिले बिल अदा करने पड़ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में भवन निर्माण के लिए रेत, बजरी, पत्थर व लकड़ी मुफ्त देने की मांग की। उन्होंने कहा कि 30 मई को तिलवाड़ी आंदोलन के शहीदों के सम्मान में वनाधिकार दिवस घोषित किया जाना चाहिए। इस अवसर पर पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, जगमोहन सिंह नेगी, मनवर सिंह आर्य, सुनील भट्ट, सुधीर सिंह नेगी, पार्षद जगदीश मेहरा, अमित नेगी, मान सिंह व राजेश राणा उपस्थित रहे।
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