{"_id":"5d0132e3bdec22073d79b851","slug":"156035964110-kotdwar-news149","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या के मामले में पति, जेठानी और ससुर दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दहेज हत्या के मामले में पति, जेठानी और ससुर दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने लैंसडौन तहसील के पट्टी इडियाकोट मल्ला-5 के ग्राम किमगांव में विवाहिता सरिता देवी की मौत के मामले में पति, जेठानी और ससुर को साक्ष्यों के अभाव में दहेज हत्या और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोपों से दोष मुक्त कर दिया। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष इस मामले में दहेज की मांग, दहेज संबंधी उत्पीड़न, क्रूरता एवं दहेज मृत्यु के तथ्यों को साबित करने में असफल रहा है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजमोहन सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम कांडा नालार खेड़ा पट्टी पैनो निवासी गबर सिंह रावत ने पांच फरवरी, 2017 को पट्टी इडियाकोट मल्ला-5 के राजस्व उपनिरीक्षक के यहां तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि उसकी बेटी सरिता देवी का विवाह 22 अप्रैल 2014 को हिंदू रीति रिवाज के साथ किमगांव निवासी चंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह के साथ हुआ। शादी के एक साल बाद ही उसका पति चंद्र सिंह, ससुर प्रताप सिंह, जेठानी अनीता देवी पत्नी जय सिंह उसकी बेटी सरिता देवी को दहेज के लिए परेशान करने लगे। 27 जनवरी 2017 को सरिता के बेटे का जन्मदिन था। कहा कि सरिता का भाई जितेंद्र उस दिन किमगांव उसके गांव गया था। रात को तीनों ने जेवरों को लेकर सरिता के साथ मारपीट की और पूरी रात झगड़ा चलता रहा। 28 जनवरी, 2017 को जितेंद्र अपने घर लौट गया। 29 जनवरी की सुबह 11 बजे ससुरालियों ने सरिता की मौत की खबर दी। उन्होंने तहरीर में सरिता के दहेज के लिए हत्या होने की आशंका जताई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजमोहन सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम कांडा नालार खेड़ा पट्टी पैनो निवासी गबर सिंह रावत ने पांच फरवरी, 2017 को पट्टी इडियाकोट मल्ला-5 के राजस्व उपनिरीक्षक के यहां तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि उसकी बेटी सरिता देवी का विवाह 22 अप्रैल 2014 को हिंदू रीति रिवाज के साथ किमगांव निवासी चंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह के साथ हुआ। शादी के एक साल बाद ही उसका पति चंद्र सिंह, ससुर प्रताप सिंह, जेठानी अनीता देवी पत्नी जय सिंह उसकी बेटी सरिता देवी को दहेज के लिए परेशान करने लगे। 27 जनवरी 2017 को सरिता के बेटे का जन्मदिन था। कहा कि सरिता का भाई जितेंद्र उस दिन किमगांव उसके गांव गया था। रात को तीनों ने जेवरों को लेकर सरिता के साथ मारपीट की और पूरी रात झगड़ा चलता रहा। 28 जनवरी, 2017 को जितेंद्र अपने घर लौट गया। 29 जनवरी की सुबह 11 बजे ससुरालियों ने सरिता की मौत की खबर दी। उन्होंने तहरीर में सरिता के दहेज के लिए हत्या होने की आशंका जताई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों को प्रस्तुत किया गया। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद फैसला सुनाया।
विज्ञापन