{"_id":"5a9d77234f1c1b05738bab0b","slug":"151520269091-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमकेश्वर के चार गावों में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमकेश्वर के चार गावों में दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप
Updated Mon, 05 Mar 2018 10:28 PM IST
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यमकेश्वर। जलसंस्थान की लापरवाही के चलते यमकेश्वर ब्लाक के ग्राम पंचायत पोखरी, पोखरी डांडा, घयालगांव ओर प्राथमिक विद्यालय पोखरी में विगत दो महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है। इसके कारण ग्रामीणों और प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी संबंधित विभाग अनजान बना हुआ है।
वर्ष 1984 में नौगांव के प्राकृतिक जलस्रोत से 14 लाख रुपये की लागत से इन गांवों के लिए पेयजल योजना बनाई गई थी। कुछ समय तक तो पेयजल योजना ठीक से काम करती रही, लेकिन कुछ महीने बाद ही योजना के पाइप लाइन सूख गए। वर्तमान में विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि पिछले दो महीने से गांव के नल सूखे हुए हैं। स्कूल के बच्चे और ग्रामीण करीब दो किमी दूर हैंडपंप से पानी ढो रहे हैं।
पूर्व ग्राम प्रधान बलदेव सिंह नेगी, उर्मिला देवी, सुरेशी देवी, मोहन सिंह व प्रेम सिंह ने जलसंस्थान पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पोखरी पेयजल लाइन से कभी भी पर्याप्त पानी नहीं आया, जबकि हर वर्ष पेयजल लाइन पर मरम्मत कार्य के लिए लाखों रुपये बहाए जाते हैं। ग्रामीण विभाग से उनके गांव के लिए कीम गधेरा पंपिंग योजना बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीडीसी बैठक में मुद्दा उठाए जाने के बाद भी विभाग के अधिकारी आश्वासन देकर काम चला रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि पोखरी पेयजल योजना 18 किमी लंबी है। जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से पेयजल लाइन पर पीने का पानी आना बंद हो जाता है। विभाग ने इन गांवों में पेयजल समस्या को देखते हुए कीम गधेरा पंपिंग योजना निर्माण करवाने से जिलाधिकारी पौड़ी को भी अवगत करा दिया है।
-फोटो
पानी के लिए भटक रहे हैं खूनीबड़ के ग्रामीण
विभागीय अधिकारियों को कई बार कर चुके हैं अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के खूनीबड़ की बाखल कालोनी में पिछले छह माह से पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से उन्हें पानी मुहैया कराने की गुहार लगाई। उन्होंने एसडीएम राकेश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वे लगातार पिछले छह महीने से जलसंस्थान के अधिकारियों को पानी नहीं आने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने के लिए जलसंस्थान के अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।
खूनीबड़ निवासी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे पूर्व भी कई बार ग्राम सभा के ग्रामीण पत्र के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। बावजूद इसके, समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर तहसील में आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर आलम सिंह, बचन सिंह गुसाईं, शोभा बिष्ट व ललित पटवाल आदि मौजूद थे। वहीं जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता ललित चंद रमोला का कहना है कि कुछ घरों में पेयजल की दिक्कत है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पेयजल समस्या का समाधान कर रहे हैं। शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
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वर्ष 1984 में नौगांव के प्राकृतिक जलस्रोत से 14 लाख रुपये की लागत से इन गांवों के लिए पेयजल योजना बनाई गई थी। कुछ समय तक तो पेयजल योजना ठीक से काम करती रही, लेकिन कुछ महीने बाद ही योजना के पाइप लाइन सूख गए। वर्तमान में विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि पिछले दो महीने से गांव के नल सूखे हुए हैं। स्कूल के बच्चे और ग्रामीण करीब दो किमी दूर हैंडपंप से पानी ढो रहे हैं।
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पूर्व ग्राम प्रधान बलदेव सिंह नेगी, उर्मिला देवी, सुरेशी देवी, मोहन सिंह व प्रेम सिंह ने जलसंस्थान पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि पोखरी पेयजल लाइन से कभी भी पर्याप्त पानी नहीं आया, जबकि हर वर्ष पेयजल लाइन पर मरम्मत कार्य के लिए लाखों रुपये बहाए जाते हैं। ग्रामीण विभाग से उनके गांव के लिए कीम गधेरा पंपिंग योजना बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बीडीसी बैठक में मुद्दा उठाए जाने के बाद भी विभाग के अधिकारी आश्वासन देकर काम चला रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि पोखरी पेयजल योजना 18 किमी लंबी है। जनवरी माह के अंतिम सप्ताह से पेयजल लाइन पर पीने का पानी आना बंद हो जाता है। विभाग ने इन गांवों में पेयजल समस्या को देखते हुए कीम गधेरा पंपिंग योजना निर्माण करवाने से जिलाधिकारी पौड़ी को भी अवगत करा दिया है।
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पानी के लिए भटक रहे हैं खूनीबड़ के ग्रामीण
विभागीय अधिकारियों को कई बार कर चुके हैं अवगत
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार। भाबर क्षेत्र के खूनीबड़ की बाखल कालोनी में पिछले छह माह से पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से उन्हें पानी मुहैया कराने की गुहार लगाई। उन्होंने एसडीएम राकेश तिवारी को ज्ञापन सौंपकर बताया कि वे लगातार पिछले छह महीने से जलसंस्थान के अधिकारियों को पानी नहीं आने की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने के लिए जलसंस्थान के अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की है।
खूनीबड़ निवासी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी इस कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे पूर्व भी कई बार ग्राम सभा के ग्रामीण पत्र के माध्यम से विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। बावजूद इसके, समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर तहसील में आंदोलन करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर आलम सिंह, बचन सिंह गुसाईं, शोभा बिष्ट व ललित पटवाल आदि मौजूद थे। वहीं जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता ललित चंद रमोला का कहना है कि कुछ घरों में पेयजल की दिक्कत है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पेयजल समस्या का समाधान कर रहे हैं। शीघ्र ही पेयजल व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।