{"_id":"5a81ca9b4f1c1b90268b9cba","slug":"151518455451-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जड़ी बूटी उगाने वाली नक्षत्र वाटिका पर कौन लगाएगा मरहम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जड़ी बूटी उगाने वाली नक्षत्र वाटिका पर कौन लगाएगा मरहम
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:40 PM IST
विज्ञापन
कोटद्वार। पनियाली स्थित नक्षत्र वाटिका उजाड़ हो गई है। रखरखाव के अभाव में झाड़ियों के बीच वाटिका में लगाए पौधे गायब हो गए हैं। लोकार्पण पट गायब हो गया है। कुर्सियां और जॉगिंग ट्रैक जर्जर हाल में पहुंच गया है। वाटिका में कुत्तों को घूमाना और पालीथिन फेंकना सख्त मना है, का बोर्ड वन विभाग के अफसरों का मुंह चिढ़ा रहा है। वाटिका का हर कोना शराब और जुआरियों का अड्डा बना है। दिनभर जुआरियों और शराबियों का जमावड़ा लगने से स्थानीय लोग वाटिका में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं।
हरित विकास योजना में लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज स्थित पनियाली में अगस्त 2010 में नक्षत्र वाटिका जनता के लिए खोली गई। तत्कालीन खाद्य मंत्री दिवाकर भट्ट ने इस वाटिका का लोकार्पण किया था। 20 लाख रुपये की लागत से वाटिका के अंदर छायादार और औषधीय पेड़ों के पौधे लगाए गए थे। फुलवारी तैयार की गई थी। टहलने वालों के बैठने के लिए जगह-जगह कुर्सियां और पूरी वाटिका में जॉगिंग ट्रैक बनाए गए थे।
वन विभाग की अनदेखी से वाटिका कुछ सालों में ही बंजर हो गई है। वाटिका में झाड़ियां उग आई हैं। लोकार्पण चबूतरा क्षतिग्रस्त कर उसका पट ही गायब हो गया है। वाटिका में सुबह 10 बजे से जुआरियों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। जगह-जगह जुआरियों के फड़ सज जाते हैं। शाम ढलने तक वाटिका के हर कोने पर जुआरी और शराबी नजर आते हैं। शराब की बोतलें और प्लास्टिक की थैलियां फैली हैं। वाटिका के प्रवेश द्वार के पास ही वन विभाग का बोर्ड लगा है। जिसमें कुत्ता घूमाने और पालीथिन इस्तेमाल करने वालों पर पांच सौ रुपये का जुर्माने की चेतावनी लिखी है। वहीं, वन विभाग के अफसरों को जुआरी और शराबी नजर नहीं आते हैं।
विज्ञापन
कोट
नक्षत्र वाटिका के रखरखाव के लिए बजट नहीं है। पिछले तीन साल से एक पाई भी नहीं मिली है। इसके चलते नक्षत्र वाटिका में बंजर पड़ गई है। बीच-बीच में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से नक्षत्र वाटिका में झाड़ियों का कटान और गंदगी की सफाई करवाई जाती है। शराबी और जुआरियों के बैठने की सूचना कई बार पुलिस को दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। -एसपी कंडवाल, वन क्षेत्राधिकारी, लैंसडौन वन प्रभाग
विज्ञापन
हरित विकास योजना में लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज स्थित पनियाली में अगस्त 2010 में नक्षत्र वाटिका जनता के लिए खोली गई। तत्कालीन खाद्य मंत्री दिवाकर भट्ट ने इस वाटिका का लोकार्पण किया था। 20 लाख रुपये की लागत से वाटिका के अंदर छायादार और औषधीय पेड़ों के पौधे लगाए गए थे। फुलवारी तैयार की गई थी। टहलने वालों के बैठने के लिए जगह-जगह कुर्सियां और पूरी वाटिका में जॉगिंग ट्रैक बनाए गए थे।
विज्ञापन
वन विभाग की अनदेखी से वाटिका कुछ सालों में ही बंजर हो गई है। वाटिका में झाड़ियां उग आई हैं। लोकार्पण चबूतरा क्षतिग्रस्त कर उसका पट ही गायब हो गया है। वाटिका में सुबह 10 बजे से जुआरियों का जमघट लगना शुरू हो जाता है। जगह-जगह जुआरियों के फड़ सज जाते हैं। शाम ढलने तक वाटिका के हर कोने पर जुआरी और शराबी नजर आते हैं। शराब की बोतलें और प्लास्टिक की थैलियां फैली हैं। वाटिका के प्रवेश द्वार के पास ही वन विभाग का बोर्ड लगा है। जिसमें कुत्ता घूमाने और पालीथिन इस्तेमाल करने वालों पर पांच सौ रुपये का जुर्माने की चेतावनी लिखी है। वहीं, वन विभाग के अफसरों को जुआरी और शराबी नजर नहीं आते हैं।
विज्ञापन
कोट
नक्षत्र वाटिका के रखरखाव के लिए बजट नहीं है। पिछले तीन साल से एक पाई भी नहीं मिली है। इसके चलते नक्षत्र वाटिका में बंजर पड़ गई है। बीच-बीच में स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से नक्षत्र वाटिका में झाड़ियों का कटान और गंदगी की सफाई करवाई जाती है। शराबी और जुआरियों के बैठने की सूचना कई बार पुलिस को दी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। -एसपी कंडवाल, वन क्षेत्राधिकारी, लैंसडौन वन प्रभाग