{"_id":"5b3666134f1c1bc96b8b8d4f","slug":"131530291731-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूरदर्शन रिले केंद्र में घुसा 20 हाथियों का झुंड, ग्रास्टनगंज में मचाया उत्पात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूरदर्शन रिले केंद्र में घुसा 20 हाथियों का झुंड, ग्रास्टनगंज में मचाया उत्पात
Updated Fri, 29 Jun 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। भीषण गर्मी में पानी पीने के लिए लैंसडौन प्रभाग के लालपानी के जंगलों से खोह नदी में उतरे 20 हाथियों के झुंड ने ग्रास्टनगंज और दूरदर्शन रिले केंद्र में जमकर उत्पात मचाया। पेड़ पौधे रौंद डाले। खोह नदी में पानी पीने और बांस की पत्तियों का भोजन करने के बाद झुंड जंगल में लौट गया। कोटद्वार और लैंसडौन घूमने आए पर्यटक नजदीक से हाथियों के झुंड देखकर रोमांचित हो उठे। हाथियों के झुंड के नदी में आने की सूचना मिलते ही सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग की टीम मौके पर डटी रही।
सिद्धबली मंदिर के समीप स्थित दूरदर्शन रिले केंद्र में शुक्रवार सुबह तड़के करीब 20 छोटे-बड़े हाथियों का झुंड घुस आया। हाथी झुंड ने परिसर की तार-बाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर में लगे अमरूद के पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। दूरदर्शन रिले केंद्र के कर्मचारी हरज्ञान सिंह ने बताया कि नुकसान की आशंका के चलते उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही कोटद्वार रेंज कार्यालय से डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल में खदेड़ने के प्रयास शुरू कर दिए। इस दौरान वन कर्मियों ने सायरन बजाने के साथ ही दर्जनों पटाखे भी फोड़े, लेकिन हाथियों का झुंड टस से मस नहीं हुआ। करीब दोपहर डेढ़ बजे वन कर्मी झुंड को परिसर से बाहर खदेड़ने में सफल हुए। इसके बाद हाथियों का झुंड सिद्धबली मंदिर और दूरदर्शन रिले केंद्र के आसपास ही मंडरा रहा था। हाथी झुंड को देेखकर कोटद्वार और लैंसडौन घूमने आए पर्यटक रोमांचित हो उठे। सिद्धबली मंदिर के दर्शन को पहुंचे कई लोग हाथी झुंड के पास जाकर फोटो खींचने का प्रयास करने लगे, जिन्हें वहां तैनात वनकर्मियों ने रोक लिया। डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह ने बताया कि हाथियों के इस झुंड में 20 हाथी शामिल है, जिसमें छह बच्चे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से वन कर्मियों को तैनात कर झुंड पर नजर रखी जा रही है।
बांस की पत्तियां हाथी का प्रिय भोजन है। कोटद्वार ग्रास्टनगंज से लेकर लालपानी के जंगल में बांस की बहुतायत होने के कारण हाथियों की चहलकदमी बनी रहती है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथियों का झुंड इस क्षेत्र में दो दिन से जमा है। बृहस्पतिवार को ग्रास्टनगंज गांव में हाथियों ने उत्पात मचाया, जिन्हें वन कर्मियों ने रात में ही जंगल खदेड़ा, लेकिन शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक हाथी झुंड खोह नदी और इसके आसपास ही जमा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धबली मंदिर के समीप स्थित दूरदर्शन रिले केंद्र में शुक्रवार सुबह तड़के करीब 20 छोटे-बड़े हाथियों का झुंड घुस आया। हाथी झुंड ने परिसर की तार-बाड़ को क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर में लगे अमरूद के पेड़ों को तहस-नहस कर दिया। दूरदर्शन रिले केंद्र के कर्मचारी हरज्ञान सिंह ने बताया कि नुकसान की आशंका के चलते उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही कोटद्वार रेंज कार्यालय से डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और हाथियों को जंगल में खदेड़ने के प्रयास शुरू कर दिए। इस दौरान वन कर्मियों ने सायरन बजाने के साथ ही दर्जनों पटाखे भी फोड़े, लेकिन हाथियों का झुंड टस से मस नहीं हुआ। करीब दोपहर डेढ़ बजे वन कर्मी झुंड को परिसर से बाहर खदेड़ने में सफल हुए। इसके बाद हाथियों का झुंड सिद्धबली मंदिर और दूरदर्शन रिले केंद्र के आसपास ही मंडरा रहा था। हाथी झुंड को देेखकर कोटद्वार और लैंसडौन घूमने आए पर्यटक रोमांचित हो उठे। सिद्धबली मंदिर के दर्शन को पहुंचे कई लोग हाथी झुंड के पास जाकर फोटो खींचने का प्रयास करने लगे, जिन्हें वहां तैनात वनकर्मियों ने रोक लिया। डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह ने बताया कि हाथियों के इस झुंड में 20 हाथी शामिल है, जिसमें छह बच्चे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से वन कर्मियों को तैनात कर झुंड पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
बांस की पत्तियां हाथी का प्रिय भोजन है। कोटद्वार ग्रास्टनगंज से लेकर लालपानी के जंगल में बांस की बहुतायत होने के कारण हाथियों की चहलकदमी बनी रहती है। रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथियों का झुंड इस क्षेत्र में दो दिन से जमा है। बृहस्पतिवार को ग्रास्टनगंज गांव में हाथियों ने उत्पात मचाया, जिन्हें वन कर्मियों ने रात में ही जंगल खदेड़ा, लेकिन शुक्रवार सुबह से लेकर शाम तक हाथी झुंड खोह नदी और इसके आसपास ही जमा रहा।
विज्ञापन