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सिगड्डी बीट में शिशु हाथी की पहाड़ी से गिरकर मौत
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कोटद्वार/किशनपुर। लैंसडौन वनप्रभाग के कोटद्वार रेंज में एक शिशु हाथी की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हाथी के सभी अंग सुरक्षित मिले हैं। वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को जंगल में ही दफना दिया है। मृत हाथी की उम्र 12 से 15 साल के बीच बताई जा रही है।
लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के रेंज अधिकारी आरपी पंत ने बताया कि शुक्रवार सुबह सिगड्डी बीट के गुर्जरों ने सिगड्डी स्रोत में एक शिशु नर हाथी का शव पड़ा होने की सूचना दी। वे वन कर्मियों से साथ मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद एसडीओ एसके दूबे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि कोटद्वार पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक बीएस गुप्ता और कलालघाटी पशु चिकित्सालय के चिकित्सक मंजीत सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि शिशु हाथी रात को पहाड़ी पर बांस खा रहा होगा, खाई का अंदाजा न होने के कारण वह आगे बढ़ता चला गया, जिससे वह पहाड़ी से 200 फुट नीचे नदी में जा गिरा। सिर पर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शिशु नर हाथी की उम्र 12 से 15 साल के बीच है और उसके दोनों दांत सुरक्षित मिले हैं।
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लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के रेंज अधिकारी आरपी पंत ने बताया कि शुक्रवार सुबह सिगड्डी बीट के गुर्जरों ने सिगड्डी स्रोत में एक शिशु नर हाथी का शव पड़ा होने की सूचना दी। वे वन कर्मियों से साथ मौके पर पहुंचे। सूचना के बाद एसडीओ एसके दूबे भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि कोटद्वार पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सक बीएस गुप्ता और कलालघाटी पशु चिकित्सालय के चिकित्सक मंजीत सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया। उन्होंने आशंका जताई कि शिशु हाथी रात को पहाड़ी पर बांस खा रहा होगा, खाई का अंदाजा न होने के कारण वह आगे बढ़ता चला गया, जिससे वह पहाड़ी से 200 फुट नीचे नदी में जा गिरा। सिर पर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शिशु नर हाथी की उम्र 12 से 15 साल के बीच है और उसके दोनों दांत सुरक्षित मिले हैं।
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