बागी विधायकों के क्षेत्र में पैठ बनाने जुटी कांग्रेस
- -किशोर उपाध्याय ने शुरू किया विधानसभाओं का दौरा
- -पूर्व सीएम विजय बहुगुणा भी खास तौर से निशाने पर
- -बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी से दस अप्रैल को शुरू होगी मशाल यात्रा
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अपने बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों की सेंधमारी में कांग्रेस जुट गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से इसकी शुरुआत करने की तैयारी कर ली है। वह रविवार को रुद्रप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बात करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इसी पैटर्न पर पदयात्राओं की शुरुआत कर चुके हैं। कांग्रेस के निशाने पर खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा हैं। दस अप्रैल से बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी से कांग्रेस मशाल लेकर ‘उत्तराखंड बचाओ, लोक तंत्र बचाओ’ कार्यक्रम की शुरुआत भी करने जा रही है।
कांग्रेस के सामने अब चुनौती बागी विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस को नुकसान से बचाने की है। नौ में से करीब चार सीटों पर कांग्रेस यह मान कर चल रही थी कि इन सीटों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है।
नौ विधानभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्त्ता है मासूम
ऐसे में अब इन सीटों को वापस लाने की रणनीति में भी कांग्रेस जुट गई है। वहीं कांग्रेस इन नौ विधायकों के क्षेत्र में सेंधमारी कर बागी विधायकों के साथ ही भाजपा को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश में है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के मुताबिक नौ विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के कार्यकर्ता मायूस हैं। इस मायूसी को तोड़ने के लिए कांग्रेस इन कार्यकर्ताओं के बीच में जाएगी। साथ ही इन क्षेत्रों में लोगों को यह भी बताया जाएगा कि अपने फायदे के लिए किस तरह से इन बागी विधायकों ने क्षेत्र के लोगों को किस तरह से नुकसान पहुंचाया है।
कांग्रेस के निशाने पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी कांग्रेस के निशाने पर हैं। दस अप्रैल से कांग्रेस विजय बहुगुणा के पैतृक गांव बुघाणी से मशाल यात्रा भी शुरू कर रही है। दस अप्रैल से लेकर 18 अप्रैल तक के इस कार्यक्रम में कांग्रेस हर जिलें में धरना प्रदर्शन करेगी।
किशोर के मुताबिक उत्तराखंड बचाओ, लोकतंत्र बचाओ के इस कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सहित समाज के अन्य वर्गों को भी साथ लिया जाएगा। हर जगह से मशाल लेकर दून पहुंचा जाएगा।
18 मार्च को सदन में भाजपा ने कांग्रेस के नौ बागी विधायकों के साथ मिलकर सरकार को गिराने की साजिश की थी। एक माह बाद ठीक इसी दिन 18 अप्रैल को कांग्रेस विधानसभा पहुंचकर लोकतंत्र बचाने की शपथ लेगी।