उत्तराखंडः जंगलों की आग बुझाने को सेना ने संभाला मोर्चा
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जल रहे जंगलों को बचाने के लिए अब उत्तराखंड वन विभाग ने सेना की मदद ली है। शुक्रवार को 6-कुमाऊं रेजीमेंट की 40 जवानों ने वन कर्मियों के साथ तिलणी और तूना-बौठा मार्ग पर लगी भीषण आग बुझाई।
शुक्रवार सुबह नौ बजे मुख्य बाजार से करीब पांच किमी दूर ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर तिलणी में सिविल वन क्षेत्र में आग भड़क उठी। लोगों की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की लपटें आसमान छू रही थी।
ऐसे में आग पर काबू पाना मुश्किल था। इस दौरान डीएफओ राजीव धीमान के आग्रह पर 6-कुमाऊं रेजीमेंट के कमांडेंट ने अपने 40 जवान मौके पर भेजे। तब जाकर तीन घंटे में आग बुझाई गई। यह दल तूना-बौंठा मार्ग पर भी पहुंचा, जहां तेजी से बस्ती क्षेत्र की तरफ बढ़ रही वनाग्नि पर कड़ी मशक्कत के बाद सेना और वन कर्मियों ने काबू पाया।
राहगीरों को खतरा बने अधजले पेड़
रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के खांकरा, अगस्त्यमुनि, उत्तरी व पूर्वी जखोली रेंज में चीड़ के जंगल होने से अब भी भीषण आग भड़की हुई है। इधर, कुमाऊं रेजीमेंट के कमांडेट राजीव नयन सिंह का कहना है कि उनके स्तर से वनाग्नि बुझाने में वह हर संभव मदद करेंगे।
तिलवाड़ा-मयाली मोटर मार्ग पर आग से कई अधजले चीड़ के पेड़ और पत्थर गिरने से वाहनों के साथ राहगीरों को खतरा बना हुआ है।
देर रात आग बुझाने पहुंचे डीएफओ
बृहस्पतिवार रात दो बजे एसपी आवास के निकट पहुंची वनाग्नि को वन विभाग के कर्मियों ने तत्काल काबू पाया गया। इस दौरान डीएफओ राजीव धीमान अपनी टीम के साथ मौजूद थे। बुधवार रात को भी डीएफओ ने रात ढाई बजे क्रू्-स्टेशन का निरीक्षण किया।