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उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर क्रैश, 20 के मरने की आशंका
नई दिल्ली/देहरादून/ब्यूरो/एजेंसी
Updated Wed, 26 Jun 2013 01:08 AM IST
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उत्तराखंड में भयावह तबाही मचा चुका मौसम एक बार फिर दर्दनाक हादसे का सबब बन गया।
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मंगलवार को वायुसेना का एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी 20 लोगों के मारे जाने की आशंका है।
केदारनाथ से लौट रहे इस हेलीकॉप्टर में वायुसेना के पांच अफसरों के अलावा एनडीआरएफ के नौ और आईटीबीपी के छह जवान भी सवार थे। आठ लोगों के शव बरामद हो चुके हैं।
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देर रात तक बाकी लोगों को ढूंढने की कोशिश की जा रही थी। इस हादसे से राहत और बचाव अभियान को बड़ा झटका लगा है, लेकिन वायुसेना ने कहा है कि वह उत्तराखंड में अपना अभियान जारी रखेगी।
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तस्वीरों में: जिन्होंने नजदीक से देखा मौत का मंजर
वायुसेना के सबसे बड़े हेलीकॉप्टरों में शुमार एमआई-17 वी-5 से मंगलवार को केदारनाथ में शवों के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी और अन्य सामग्री पहुंचाई जा रही थी।
दो सफल उड़ान के बाद तीसरी बार यह हेलीकॉप्टर दोपहर बाद करीब तीन बजे गौचर से गुप्तकाशी और केदारनाथ के लिए रवाना हुआ।
सामग्री उतारने के बाद केदारनाथ से जब हेलीकॉप्टर लौट रहा था, तभी उसका संपर्क अचानक टूट गया। हादसे के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई और जलकर खाक हो गया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी ने कहा कि हेलीकॉप्टर में वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी कर्मियों समेत 20 लोग थे। इनमें से किसी के जीवित बचने की उम्मीद कम ही है।
दिल्ली में वायुसेना की प्रवक्ता ने बताया कि हादसे की कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
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मृतकों में वायुसेना के एक विंग कमांडर, दो फ्लाइट लेफ्टिनेंट, एक जूनियर वारंट अफसर और एक सार्जेंट हैं। हालांकि वायुसेना ने इनके नाम जारी नहीं किए हैं।
रुद्रप्रयाग के एसपी वरिंदरजीत सिंह ने कहा कि क्रैश के कारणों का फिलहाल पता नहीं लगा है, लेकिन माना जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से यह हादसा हुआ।
वायुसेना के एक अधिकारी ने भी बताया कि बारिश और धुंध के बीच यह हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ। रूस से पिछले साल खरीदा गया यह हेलीकॉप्टर पश्चिम बंगाल स्थित पूर्वी कमान के तहत आने वाले बैरकपुर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात था।
आठ शव बरामद कर लिए गए हैं। हेलीकॉप्टर में सवार 20 लोगों में से किसी के जीवित बचने की उम्मीद कम ही है।--एम शशिधर रेड्डी, एनडीएमए के उपाध्यक्ष
एक सप्ताह के अंदर दूसरा हादसा
हादसे की असली वजह का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। एक सप्ताह के भीतर उत्तराखंड के पहाड़ों में हेलीकॉप्टर क्रैश होने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले पिछले रविवार को रुद्रप्रयाग जिले में आपदा पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहा एक अन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे में हेलीकॉप्टर का पायलट घायल हो गया था।
राहत कार्य में बारिश बनी बाधा
आपदा में फंसे हजारों लोगों को बचाने की राह में बारिश, बादल और घाटियों में छाई धुंध जवानों का कड़ा इम्तिहान ले रही है। हालांकि मुश्किलों से लड़कर सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के जवानों ने चार हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया। इनमें से ज्यादातर को बेहद दुर्गम रास्तों से पैदल निकाला गया।