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जबरन बंधुआ मजदूरी कराने पर मानवाधिकार आयोग सख्त

Mon, 21 Mar 2016 08:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 21 Mar 2016 08:39 PM IST
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Human Rights Commission strict on bonded labor 
मानवाधिकार आयोग - फोटो : logo

जबरन बंधुआ मजदूरी कराए जाने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। एसएसपी को नोटिस भेज निर्देश दिए हैं कि इस पर शीघ्र वस्तुस्थिति से अवगत कराया जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च निर्धारित की गई है।

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विकासनगर और जौनसार बावर क्षेत्र के ग्रामीण दौलत कुंवर, गुड्डू, मग्गु, मजशेर, राजू, शम्भो देवी आदि ने राज्य मानवाधिकार आयोग से इस संबंध में शिकायत की थी। शिकायत की एक प्रति सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार को भी दी। 
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शिकायत में बताया कि जिले के जौनसार बावर क्षेत्र में लोगों से कई साल से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। अगर ये लोग अपने हक की आवाज उठाते भी हैं, तो उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। 
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दबंग पीड़ितों पर लगातार कर रहे अत्याचार 
पुलिस और प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद दबंगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिससे दबंगों का दुस्साहस बढ़ रहा है और वे पीड़ितों पर लगातार अत्याचार कर रहे है।

डीएम के निर्देश के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि उनकी प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की गई। सोमवार को आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन और सदस्य डॉ. हेमलता ढौंढियाल ने मामले की सुनवाई की। 


पीड़ित पक्ष की तरफ से आयोग में सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार उपस्थित हुए। आयोग ने एसएसपी को सुनवाई की अगली तिथि से पहले वस्तुस्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया है।

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