उज्जैन महाकुंभ में लैपटॉप और व्हाट्स एप वाले 'डिजिटल' बाबा
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सिंहस्थ कुंभ 2016 में जैसी भीड़ उमड़ने की उम्मीद थी वैसी भीड़ तो नहीं है, लेकिन यहां पहुंच रहे कुछ साधु-संत और साध्वी भारत के आध्यात्म का एक अलग रूप प्रदर्शित कर रहे हैं।
महाकुंभ में आसानी से लैपटॉप और स्मार्टफोन के साथ साधु-संतों को देखा जा सकता है। शरीर में भस्म लपेटे हुए हिमालय की कंदराओं में तपस्या करने वाले ये साधु-संत अब टेक्नो फ्रेंडली हो गए हैं। कई संत सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के साथ ही व्हाट्स अप ग्रुप से भी जुडे हुए हैं। उज्जैन कुंभ में कुछ युवा साधु सेल्फी लेते भी दिख रहे हैं।
बताया गया कि इन सोशल मीडिया और व्हाट्स ग्रुप में धर्म और आध्यात्म के विषयों पर चर्चा की जाती है। कुछ ग्रुप ऐसे भी हैं जो गौ रक्षा के लिए बनाए गए हैं। कई अखाडों ने तो अपने ग्रुप भी बनाए हुए हैं।
इसके अलावा सिंहस्थ में होने वाले प्रवचनों, भंडारों और स्नान के बारे में मिलने वाली सूचनाएं भी व्हाट्स एप के जरिए साझा की जा रही हैं। वृद्ध संत अपने शिष्यों की मदद से ऑनलाइन हो रहे हैं। कुछ शिक्षित संत तो ऐसे भी हैं जिन्हें सोशल मीडिया, व्हाट्स अप और जीपीएस तकनीक की काफी जानकारी है।
उज्जैन महाकुंभ में उम्रदराज संत श्रीमहंत प्रहलाद दास के शिविर में कई युवा संत स्मार्ट फोन का उपयोग धड़ल्ले से करते हैं। मंहत ने बताया कि तकनीक का सहारा लेना समय की मांग है। तकनीक का प्रयोग अच्छी और बुरी बातों के लिए किया जा सकता है, ये तो हम पर निर्भर करता है कि उसका कैसा उपयोग करें।
पढ़ी-लिखी साध्वियों को संन्यास में मिला आत्मज्ञान
उज्जैन महाकुंभ में हरिद्वार और नेपाल से पहुंची इन दो साध्वियों ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए देश-विदेश की सैर की। लेकिन संन्यास से इन्हें आत्मज्ञान मिला।
महाकुंभ में हरिद्वार से आईं साध्वी प्रतिज्ञा ने हिस्ट्री एंड आर्कियोलॉजी में एमए किया है। साध्वी प्रतिज्ञा ने बताया कि बचपन से ही धर्म में उनका लगाव रहा है। अपने इसी रुझान के कारण उन्होंने संन्यास लिया। साध्वी ने हरिद्वार से एमए की पढ़ाई करने के बाद जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी विवेकानंद गिरि से दीक्षा ली। अब वह उनके हिमाचल प्रदेश स्थित आश्रम में रहती हैं।
महाकुंभ में नेपाल से पहुंची महामंडलेश्वर मां कविता गिरी ने काफी संपन्न जीवन व्यतीत किया। लेकिन सांसारिक बंधनों के मुक्ति के लिए इन्होंने भौतिक सुखों का त्याग कर दिया। मां कविता गिरी ने विदेश में शिक्षा प्राप्त की। इन्होंने एमएससी इकोलॉजी, एमबीए नेचुरल रिर्सोसेज डेवलपमेंट (थाइलैंड), एमबीए पब्लिक पॉलिसी (केनेडा) से की।
महामंडलेश्वर मां कविता गिरी ने बताया कि पैसे, प्रतिष्ठा और शिक्षा से मैं सांसारिक बंधन में बंधने लगी थी। इसलिए मैंने संन्यास लिया। संसार में कुछ भी मुफ्त में नहीं मिलता। इसलिए, भगवान का धन्यवाद करने के लिए मैंने उनकी भक्ति का मार्ग चुना। मां कविता गिरी ने पायलेट बाबा से दीक्षा ली है।
कुंभ में इस दिन होंगे महा स्नान
पर्व स्नान - निर्धारित तिथि (दिन)
महाकुंभ का पहला स्नान - 22 अप्रैल, 2016 (शुक्रवार)
व्रतपर्व वरुथिनी एकादशी व्रत - 3 मई, 2016 (मंगलवार)
स्नानपर्व - 6 मई, 2016 (शुक्रवार)
स्नानपर्व अक्षय तृतीया - 9 मई, 2016 (सोमवार)
शंकराचार्य जयंती - 11 मई, 2016 (बुधवार)
वृषभ संक्रान्ति पर्व - 15 मई, 2016 (रविवार)
मोहिनी एकादशी पर्व - 17 मई, 2016 (मंगलवार)
प्रदोष पर्व - 19 मई, 2016 (गुरुवार)
नृसिंह जयंती पर्व - 20 मई, 2016 (शुक्रवार)
प्रमुख स्नान - 21 मई, 2016 (शनिवार)