कार्यकर्ता को भूली BJP तो मरहम लगाने पहुंचे हरीश रावत
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विधानसभा कूच के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए भाजपा कार्यकर्ता लल्लन सिंह को देखने भले ही उनकी पार्टी को कोई पदाधिकारी ना पहुंचा हो लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जरूर पहुंचे।
सोमवार को अस्पताल पहुंचे पूर्व सीएम ने भाजपा कार्यकर्ता के उपचार में हरसंभव मदद का ऐलान किया। हरीश रावत ने कहा कि कार्यकर्ता किस पार्टी का है, यह सोचने से ज्यादा जरूरी उसका जीवन बचाना है। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार में किसी भी तरह की कमी ना रखने के निर्देश दिए।
रविवार तीन अप्रैल को अमर उजाला ने घायल भाजपा कार्यकर्ता की आपबीती को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सीएमआई अस्पताल पहुंचे। उन्होंने लल्लन सिंह का हाल-चाल पूछने के बाद डॉक्टरों से जानकारी ली। लल्लन सिंह की पत्नी अनीता देवी ने रोते हुए बताया कि उपचार पर उनका करीब तीन लाख रुपया खर्च हो चुका है। कर्ज मांगकर किसी तरह उन्होंने ऑपरेशन और अन्य उपचार कराया है।
परिजनों को ढ़ाढस बंधाते हुए उन्होंने उपचार में हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पहले घटना का पता नहीं चला वर्ना वह पहले आते। लल्लन सिंह की देखरेख कर रहे वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. महेश कुडियाल से जानकारी लेने के बाद उन्होंने उपचार में किसी तरह की कमी ना रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के चेयरमैन डा. आरके जैन को परिजनों की मदद करने को कहा।
बाद में अस्पताल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता चाहे वह किसी भी पार्टी का जुड़ा हो, अगर इस स्थिति में हो तो उसकी मदद करना हमारी जिम्मेदारी है। अस्पताल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि लल्लन सिंह के उपचार में पॉलिटिकल लोगों की ओर से जो लैप्स था, उस दायित्व को अस्पताल ने निभाया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अपनी तरफ से हर संभव सहायता के साथ ही राज्यपाल को भी मदद के लिए पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए कार्य कर रहे लल्लन का कोई दोष नहीं है। पार्टी महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि कार्यकर्ता का जीवन बचाना महत्वपूर्ण है। वरिष्ठ आन्दोलनकारी मोहन खत्री ने भी देर शाम अस्पताल पहुंचकर लल्लन सिंह का हाल-चाल जाना।
यह था पूरा घटनाक्रम
बीते 14 मार्च को भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा कूच किया था। इसमें शामिल होने के लिए गीता भवन रामझूला ऋषिकेश निवासी लल्लन सिंह (52) भी दून पहुंचे। स्वर्गाश्रम-लक्ष्मणझूला श्रमिक प्रकोष्ट के अध्यक्ष लल्लन सिंह अपने साथ कई कार्यकर्ताओं को भी प्रदर्शन में लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान जब अफरा-तफरी मची तो लल्लन सिंह के सिर पर चोट लग गई। साथ में आए कार्यकर्ताओं ने उन्हें दून अस्पताल में भर्ती करा दिया।
जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि उनके सिर में खून का थक्का बन गया है। इस पर दो दिन बाद परिजनों ने उन्हें सीएमआई अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उनकी तबियत बिगड़ने पर वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. महेश कुड़ियाल ने उनका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत में मामूली सुधार हुआ लेकिन शनिवार को एक बार फिर तबियत बिगड़ गई। लल्लन सिंह की पत्नी अनीता देवी ने आरोप लगाया था कि यमकेश्वर विधायक विजय बड़थ्वाल के अलावा कोई उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
घोड़े की कीमत, इंसान की नहीं
लल्लन सिंह के परिजनों ने उनकी सुध ना लिए जाने पर सख्त नाराजगी जताई। उनके बहनोई देशबंधु सिंह ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान शक्तिमान घोड़ा घायल हुआ तो मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक उसे देखने पहुंचे। पूरा का पूरा प्रशासनिक अमला उसकी देखभाल में जुटा रहा। यहां तक कि उपचार के लिए अमेरिका तक से डॉक्टर मंगाए गए। लेकिन उसी प्रदर्शन में गंभीर रूप से घायल लल्लन को देखने कोई नहीं पहुंचा।
लल्लन की हालत में सुधार
घायल लल्लन सिंह का उपचार कर रहे वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. महेश कुडियाल ने बताया कि उनकी हालत में अब काफी सुधार है। उन्हें आईसीयू से शिफ्ट कर दिया गया है। अगले कुछ दिन उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। अस्पताल के चेयरमैन डा. आरके जैन ने बताया कि उनकी सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। हालांकि अभी वह बातचीत करने की हालत में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में लल्लन को डिस्चार्ज किया जा सकता है।