हरीश रावत का दावा, सदन में पारित हो चुका था बजट
- प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया दावा।
- कहा, बजट को खारिज किया तो 24 घंटे उपवास करूंगा।
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 18 मार्च को सदन में बजट और वित्त विनियोग विधेयक पारित होने का दावा किया। रावत ने केंद्र सरकार पर बजट को खारिज करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह की कोशिश हुई तो वह खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।
मंगलवार को बीजापुर अतिथि गृह में मीडिया से मुखातिब पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विधानसभा अस्तित्व में है और संविधान साफ तौर पर कहता है कि जहां राज्य की विधानसभा अस्तित्व में है, वहां बजट पारित करना विधानसभा का दायित्व है।
रावत ने कहा कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि प्रदेश के बजट को खारिज करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह का कोई भी प्रयास विधानसभा का अपमान है। केंद्रीय वित्त मंत्री की ओर से यह आया है कि बजट को पारित नहीं माना जा रहा है, लिहाजा हमने इस धमकी को गंभीरता से लिया है।
रावत ने कहा कि किसी भी संदेह से परे यह सिद्ध किया जा चुका है कि 18 मार्च को सदन में बजट पारित हुआ। हरीश रावत ने प्रदेश के 2016-17 के बजट को जन आकांक्षाओं का बजट बताया और कहा कि बजट में की गई जन कल्याणकारी घोषणाओं को नकारने के लिए भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यह दबाव पैदा कर रहा है।
अगर बजट किया जाता खारिज तो रखता 24 घंटे का उपवास
पहली बार बजट में मुख्यमंत्री की 80 प्रतिशत घोषणाओं के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश का बजट हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया है। कहा कि अगर बजट को खारिज किया जाता है तो मैं खुद 24 घंटे का उपवास कर विरोध जताऊंगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया।
अब यह भी देखा जाएगा कि भाजपा की इस कोशिश के कारण राज्य को वित्तीय रूप से कितना नुकसान हुआ। प्रेस वार्ता में कांग्रेस के सह प्रभारी संजय कपूर, इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, दिनेश अग्रवाल, हरीश चंद्र दुर्गापाल, नव प्रभात, हीमेश खर्कवाल आदि शामिल थे।
हाईकोर्ट के फैसले से राहत मिली
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि राज्यपाल की ओर से 28 मार्च को सदन में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया गया था। सरकार उस समय बहुमत साबित करने के लिए तैयार थी, लेकिन इससे पहले ही प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। उच्च न्यायालय ने लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना को फिर से स्थापित किया है।
जिस तरह से गैर भाजपा सरकारों को गिराने की साजिश की जा रही है, उसका यह उच्च न्यायालय का यह फैसला करारा जवाब देता है। 31 मार्च को हम विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे।
रावत ने कहा कि वह आज तक समझ नहीं पाए कि जब 28 मार्च को बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को ऐसी क्या जल्दी थी कि 24 घंटे भी इंतजार नहीं किया गया।