सियासी संकट में फंसे उत्तराखंड CM ने केंद्र पर साधा निशाना
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सियासी संकट की घड़ी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार को घेरे में लिया है।
हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड को कम बजट देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र से राज्य को जितनी आर्थिक मदद मिलनी चाहिए थी उतनी मदद नहीं मिली। भाजपा इस पर लगातार झूठ बोलती रही।
उधर, उत्तराखंड सरकार के बागी मंत्री हरक सिंह रावत ने कांग्रसे से बात करने के लिए एक बड़ी शर्त रखी है। कृषि मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा है कि अगर हरीश रावत को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाए तो वह कांग्रेस से बात करेंगे।
बदला बागी विधायकों का ठिकाना
उत्तराखंड की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले कांग्रेस के बागी विधायकों ने अपना ठिकाना बदल लिया है। मुमकिन है कि यहां कुछ दिन और रहते तो हरीश रावत समर्थक उनके पास पहुंच जाते। इस बात का खुलासा इसी होटल में रह रहे कुछ भाजपा विधायकों ने किया है।
सोमवार को एक भी बागी विधायक यहां नहीं दिखा और न ही उनकी गाड़ियां। बागी विधायक इस पांच सितारा होटल में शनिवार से थे। ऐसे में यह भी आरोप लग रहा था कि इसका खर्च कौन उठा रहा है। एक तरफ कांग्रेस के बागी विधायक होटल से निकल गए तो दूसरी ओर यहां रह रहे भाजपा विधायकों ने बड़ी मुश्किल से दो दिन बाद मुंह खोला।
खटीमा के विधायक और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत को भाजपा ने नहीं बल्कि उनके अपनों ने ही झटका दिया है। वह तो खनन और शराब माफियाओं के आगे अपने मंत्रियों और विधायकों तक की नहीं सुनते थे।